कोरोना वायरस की शुरुआत चीन के वुहान से हुई और अब यह दुनिया के 210 से ज्यादा देशों में फैल चुका है। कोरोना वायरस को लेकर दुनियाभर में चीन की फजीहत हुई है। भारत, अमेरिका, रूस, ब्राजील, ब्रिटेन समेत दुनियाभर के कई देश कोरोना से बुरी तरह प्रभावित हैं। दुनियाभर के लोगों को कोरोना की वैक्सीन का इंतजार है और कई देशों के वैज्ञानिक इसे तैयार करने में लगे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, डेढ़ दर्जन वैक्सीन इंसानी ट्रायल के स्टेज में है। इसमें चीन भी आगे चल रहा है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, वैक्सीन बनाने की रेस में चीन ने कई देशों को पीछे छोड़ दिया है। यहां एक वैक्सीन ट्रायल के अंतिम फेज में पहुंच चुकी है, जबकि एक अन्य वैक्सीन को भी सीमित लोगों पर ट्रायल की अनुमति मिल गई है।
{"_id":"5f06f6572dbcee5b121ab963","slug":"china-coronavirus-sinovac-biotech-vaccine-update-today-covid-19-vaccine-human-trial-news-today","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Coronavirus Vaccine: ट्रायल के अंतिम चरण में पहुंची चीन की एक वैक्सीन, दूसरी को भी मिली हरी झंडी","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Coronavirus Vaccine: ट्रायल के अंतिम चरण में पहुंची चीन की एक वैक्सीन, दूसरी को भी मिली हरी झंडी
Fri, 10 Jul 2020 01:30 AM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Fri, 10 Jul 2020 01:30 AM IST
विज्ञापन
coronavirus vaccine China
- फोटो : Social Media
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
- चीन में वैज्ञानिक, चिकित्सक, चीनी आर्मी और प्राइवेट सेक्टर ने वैक्सीन बनाने को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है। चीन की पहली वैक्सीन फार्मा कंपनी सिनोवैक बायोटेक ने तैयार की है। यह चीन की दूसरी और दुनिया की तीसरी ऐसी वैक्सीन है, जो तीसरे चरण के ट्रायल में पहुंच चुकी है।
कोरोना वैक्सीन
- फोटो : social media
- वहीं, चीन की एक अन्य वैक्सीन पीएलए यानी चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी के मेडिकल रिसर्च यूनिट ने निजी कंपनी केनसिनो के साथ मिलकर तैयार की है। इस वैक्सीन को ट्रायल के लिए सीमित लोगों पर इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना वायरस वैक्सीन
- फोटो : पिक्सा
- चीनी मीडिया के मुताबिक, पीएलए के मुख्य वैज्ञानिक चेन वी ने वैक्सीन का पहला डोज लिया है। सालों पहले सार्स वायरस के इलाज में होने वाला प्रयोग भी चेन वी पर ही किया गया था। चीन में कोरोना वायरस संक्रमित लोगों की कमी के कारण इसका अगला लक्ष्य ट्रायल के लिए दूसरे देशों की ओर रुख करना है। ब्राजील, कनाडा, मेक्सिको, इंडोनेशिया और यूएई यानी संयुक्त अरब अमीरात ने अपने यहां ट्रायल करने के लिए रजामंदी दी है।
विज्ञापन
Corona Vaccine Update
- फोटो : Pixabay/Amar Ujala
असक्रिय वैक्सीन तकनीक
- चीन इनएक्टिवेटेड यानी असक्रिय वैक्सीन तकनीक पर काम कर रहा है, जिसका इस्तेमाल इंफ्लुएंजा और मिजेल्स की वैक्सीन तैयार करने में किया गया। पोलियो की जिस वैक्सीन का इजाद साल 1955 में डॉ. जोनस सॉल्क ने किया था, वह निष्क्रिय टीका ही है। निष्क्रिय टीका भी वैक्सीन का एक प्रकार है, जिसका फोकस शरीर में एंटीबॉडी का निर्माण करने से ज्यादा रोगाणु या विषाणु खत्म करना होता है।