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Health Tips: 'इंसुलिन प्लांट' से डायबिटीज में मिल सकता है लाभ, पर इस बात का रखें विशेष ध्यान

Sun, 18 Sep 2022 12:13 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 18 Sep 2022 12:13 PM IST
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Chewing Insulin Plant's Leaves Can Control diabetes, Costus igneus plant benefits
डायबिटीज को कैसे कंट्रोल किया जाए? - फोटो : iStock

वैश्विक स्तर पर बढ़ती डायबिटीज की बीमारी को स्वास्थ्य विशेषज्ञ बड़े खतरे के तौर पर देख रहे हैं। भारत में भी पिछले एक-दो दशक में मधुमेह रोगियों के आंकड़े काफी तेजी से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं, आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल देश में 8 करोड़ से अधिक लोग इस गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्या के शिकार हैं। डॉक्टर्स कहते हैं कि जिस तरह से अब कम आयु वाले लोगों में भी डायबिटीज की समस्या का निदान किया जा रहा है, यह और भी चिंता बढ़ाने वाला है। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि जिस रफ्तार से यह बीमारी बढ़ती जा रही है ऐसे में साल 2045 तक देश में मधुमेह रोगियों की संख्या 13.5 करोड़ के आंकड़े को भी पार कर सकती है। 



डॉक्टर्स कहते हैं यदि आपको डायबिटीज है तो दवाइयों के साथ जीवनशैली और आहार पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता है। वहीं यदि आपमें इसके जोखिम कारकों जैसे पारिवारिक इतिहास, मोटापा जैसी समस्या है तो भी आपको और भी सावधानी बरतनी चाहिए। 

डायबिटीज, शरीर के कई अंगों के लिए भी समस्याओं का कारण बन सकती है। इस बीच एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने एक ऐसे पौधे के बारे में बताया है जिसकी पत्तियों को चबाने से ब्लड शुगर लेवल को काफी हद तक कंट्रोल में रखने में मदद मिल सकती है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 

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डायबिटीज को कैसे ठीक करें? - फोटो : istock

इंसुलिन प्लांट की पत्तियां चबाने से लाभ

डॉक्टर्स कहते हैं, रक्त शर्करा के स्तर को कंट्रोल रखने के लिए दवाइयों के साथ अन्य वैकल्पिक उपायों को भी प्रयोग में लाते रहना चाहिए, हालांकि इस बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लेना बहुत आवश्यक है। आयुर्वेद में कुछ ऐसी औषधियां हैं जिन्हें ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने वाला माना जाता रहा है। कोस्टस इग्नस नाम के इस पौधे को इंसुलिन प्लांट के रूप में भी जाना जाता है। वैसे तो इस पौधे में इंसुलिन नहीं होता है, न ही यह इसके उत्पादन में मदद करता है, फिर भी इसकी पत्तियों को चबाने से यह शुगर को ग्लाइकोजन में बदलने के साथ मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देता है। ऐसे में इससे डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।

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डायबिटीज रोगियों को क्या करना चाहिए? - फोटो : Pixabay

डायबिटीज रोगियों को मिल सकता है लाभ

इंसुलिन प्लांट की पत्तियां चबाने से यह ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल रखने में आपके लिए सहायक हो सकता है। इस पौधे को पहले भी खांसी, सर्दी, त्वचा के संक्रमण, आंखों के संक्रमण, फेफड़ों के रोग, अस्थमा, गर्भाशय की दिक्कतों, दस्त और कब्ज जैसी बीमारियों के लिए प्रयोग में लाया जाता रहा है। हालांकि डॉक्टर्स का कहना है कि अगर आपकी डायबिटीज का इलाज चल  रहा है तो बिना डॉक्टरी सलाह के इसका सेवन न करें, ऐसे करने से ब्लड शुगर कम होने की समस्या हो सकती है जिसके कारण गंभीर जटिलताओं का खतरा हो सकता है।

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इंसुलिन प्लांट की पत्तियों से मिलता है लाभ - फोटो : istock

क्या कहते हैं अध्ययन?

कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि इंसुलिन प्लांट की पत्तियों में कोर्सोलिक एसिड की भरपूर मात्रा होती है। यह रसायन अग्न्याशय से इंसुलिन के स्राव को बढ़ाता है और रक्तप्रवाह में ग्लूकोज के स्तर को कंट्रोल करने में सहायक हो सकता है। इन पत्तियों का सेवन चबाके या फिर पानी में उबालकर किया जा सकता है। हालांकि क्या यह सभी लोगों के लिए फायदेमंद हैं इसको प्रमाणित करने के लिए फिलहाल पर्याप्त अध्ययन नहीं हैं।

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नीम की पत्तियों से भी मिलता है लाभ - फोटो : iStock

आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह

आयुर्वेद विशेषज्ञ कहते हैं, इंसुलिन प्लांट की पत्तियों के अलावा कुछ अध्ययनों में नीम की पत्तियों, करेले के बीज, जामुन के बीज आदि के सेवन को भी डायबिटीज को कंट्रोल करने वाला बताया गया है। इसके साथ लाइफस्टाइल को ठीक रखना, नियमित व्यायाम की आदत बनाना भी डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत आवश्यक माना जाता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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