वैश्विक स्तर पर बढ़ती डायबिटीज की बीमारी को स्वास्थ्य विशेषज्ञ बड़े खतरे के तौर पर देख रहे हैं। भारत में भी पिछले एक-दो दशक में मधुमेह रोगियों के आंकड़े काफी तेजी से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं, आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल देश में 8 करोड़ से अधिक लोग इस गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्या के शिकार हैं। डॉक्टर्स कहते हैं कि जिस तरह से अब कम आयु वाले लोगों में भी डायबिटीज की समस्या का निदान किया जा रहा है, यह और भी चिंता बढ़ाने वाला है। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि जिस रफ्तार से यह बीमारी बढ़ती जा रही है ऐसे में साल 2045 तक देश में मधुमेह रोगियों की संख्या 13.5 करोड़ के आंकड़े को भी पार कर सकती है।
Health Tips: 'इंसुलिन प्लांट' से डायबिटीज में मिल सकता है लाभ, पर इस बात का रखें विशेष ध्यान
इंसुलिन प्लांट की पत्तियां चबाने से लाभ
डॉक्टर्स कहते हैं, रक्त शर्करा के स्तर को कंट्रोल रखने के लिए दवाइयों के साथ अन्य वैकल्पिक उपायों को भी प्रयोग में लाते रहना चाहिए, हालांकि इस बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लेना बहुत आवश्यक है। आयुर्वेद में कुछ ऐसी औषधियां हैं जिन्हें ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने वाला माना जाता रहा है। कोस्टस इग्नस नाम के इस पौधे को इंसुलिन प्लांट के रूप में भी जाना जाता है। वैसे तो इस पौधे में इंसुलिन नहीं होता है, न ही यह इसके उत्पादन में मदद करता है, फिर भी इसकी पत्तियों को चबाने से यह शुगर को ग्लाइकोजन में बदलने के साथ मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देता है। ऐसे में इससे डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
डायबिटीज रोगियों को मिल सकता है लाभ
इंसुलिन प्लांट की पत्तियां चबाने से यह ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल रखने में आपके लिए सहायक हो सकता है। इस पौधे को पहले भी खांसी, सर्दी, त्वचा के संक्रमण, आंखों के संक्रमण, फेफड़ों के रोग, अस्थमा, गर्भाशय की दिक्कतों, दस्त और कब्ज जैसी बीमारियों के लिए प्रयोग में लाया जाता रहा है। हालांकि डॉक्टर्स का कहना है कि अगर आपकी डायबिटीज का इलाज चल रहा है तो बिना डॉक्टरी सलाह के इसका सेवन न करें, ऐसे करने से ब्लड शुगर कम होने की समस्या हो सकती है जिसके कारण गंभीर जटिलताओं का खतरा हो सकता है।
क्या कहते हैं अध्ययन?
कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि इंसुलिन प्लांट की पत्तियों में कोर्सोलिक एसिड की भरपूर मात्रा होती है। यह रसायन अग्न्याशय से इंसुलिन के स्राव को बढ़ाता है और रक्तप्रवाह में ग्लूकोज के स्तर को कंट्रोल करने में सहायक हो सकता है। इन पत्तियों का सेवन चबाके या फिर पानी में उबालकर किया जा सकता है। हालांकि क्या यह सभी लोगों के लिए फायदेमंद हैं इसको प्रमाणित करने के लिए फिलहाल पर्याप्त अध्ययन नहीं हैं।
आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह
आयुर्वेद विशेषज्ञ कहते हैं, इंसुलिन प्लांट की पत्तियों के अलावा कुछ अध्ययनों में नीम की पत्तियों, करेले के बीज, जामुन के बीज आदि के सेवन को भी डायबिटीज को कंट्रोल करने वाला बताया गया है। इसके साथ लाइफस्टाइल को ठीक रखना, नियमित व्यायाम की आदत बनाना भी डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत आवश्यक माना जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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