हृदय रोग, वैश्विक स्तर पर असमय मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक माने जाते हैं। आश्चर्यजनक रूप से कम उम्र के लोगों में भी इसका खतरा बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। गड़बड़ लाइफस्टाइल से लेकर आहार के चुनाव में गड़बड़ी इन समस्याओं का प्रमुख कारण मानी जाती है। पिछले कुछ वर्षों में कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक का जोखिम देखा जा रहा है, जो निश्चित ही चिंता बढ़ाने वाली है।
Heart Disease: बार-बार आते हैं चक्कर और लेते हैं खर्राटे तो हार्ट में हो सकती है समस्या, न करें इसे अनदेखा
हृदय रोगों का जोखिम
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में हृदय रोग विशेषज्ञ विन्सेंट बुफालिनो कहते हैं हृदय रोगों का जोखिम तब और अधिक हो जाता है जब आप 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हों, आपका वजन अधिक हो, या आपको मधुमेह, हाई कोलेस्ट्रॉल या उच्च रक्तचाप की समस्या हो। जितने अधिक जोखिम कारकों के आप शिकार हैं, दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी और अधिक बढ़ जाता है। पर अब हृदय रोग बढ़ती उम्र से संबंधित ही नहीं रहे हैं, कम उम्र से ही इसके खतरे को लेकर सावधानी बरतते रहने की जरूरत है।
आइए जानते हैं कि हृदय रोगों के किन लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है।
अक्सर चक्कर आना या कमजोरी महसूस होना
अक्सर चक्कर आना या कमजोरी महसूस होना हृदय संबंधी समस्याओं की तरफ संकेत हो सकता है। वैसे तो बहुत सी चीजें आपका संतुलन खोने या बेहोशी का कारण बन सकती हैं। लेकिन अगर आपको अचानक से अस्थिरता महसूस हो और सीने में तकलीफ या सांस लेने में दिक्कत हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से मदद लें।
डॉ बुफालिनो कहते हैं, इसका मतलब यह हो सकता है कि आपका रक्तचाप कम हो गया है, इससे भी हृदय के लिए दिक्कतें बढ़ने लग जाती हैं।
हाथ-गले या जबड़े में दर्द
गले या जबड़े में दर्द को अक्सर मांसपेशियों की समस्या, सर्दी या साइनस की समस्या मान लिया जाता है। लेकिन अगर आपको सीने के बीच में दर्द या दबाव महसूस हो जो आपके हाथ-गले या जबड़े तक फैल जाता है, तो यह दिल के दौरे का संकेत हो सकता है। इसके अलावा अचानक थकान या घबराहट महसूस होना भी हृदय स्वास्थ्य के लिए अलार्मिंग माना जाता है।
खर्राटे की दिक्कत
नींद के दौरान हल्के खर्राटे लेना सामान्य बात है। लेकिन असामान्य रूप से तेज खर्राटे लेना जो हांफने या दम घुटने जैसा लगता है, ये स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है। यह तब होता है जब आप रात में कई बार सोते समय कुछ पलों के लिए सांस नहीं ले पाते हैं। इससे आपके दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। जिन लोगों को स्लीप एपनिया की समस्या होती है उनमें हृदय संबंधित समस्याओं के विकसित होने का जोखिम अधिक हो सकता है। खर्राटे की इस तरह की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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