शरीर को स्वस्थ रखने के लिए लाइफस्टाइल और खान-पान को ठीक रखना बहुत जरूरी है। आप किस तरह की चीजें खाते हैं, कैसे दिन बिताते हैं और शारीरिक गतिविधि कैसी है, इन सभी का सेहत पर सीधा असर होता है। इसके साथ रोजाना पर्याप्त नींद लेना भी अच्छी सेहत के लिए बहुत आवश्यक माना जाता है।
Heart Health: सोने के तरीके में ये छोटा सा बदलाव, हार्ट अटैक से बचाने में हो सकती है मददगार
- सोने का तरीका भी दिल की सेहत से जुड़ी होती है। कुछ रिसर्च बताती हैं कि बाईं करवट सोने से दिल पर दबाव कम पड़ता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर हो सकता है। वहीं पेट के बल सोना सांस लेने में दिक्कत और हार्ट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अच्छी नींद लेना दिल की सेहत के लिए जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, पर्याप्त और गहरी नींद लेना दिल की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। नींद की कमी से ब्लड प्रेशर, तनाव, हार्मोनल समस्याएं और सूजन बढ़ सकती है, जिससे दिल की बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है।
अध्ययनों में पाया गया है कि रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेने वालों में हृदय रोग का खतरा कम होता है। नींद के दौरान शरीर का ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट सामान्य स्तर पर आते हैं, जिससे दिल को आराम मिलता है।
आइए जानते हैं कि दिल की सेहत में सुधार के लिए सोने का तरीका कैसा होना चाहिए?
सोने के तरीके में बदलाव जरूरी
हृदय रोग विशेषज्ञ कहते हैं, दिल की सेहत को ठीक रखने के लिए हम खान-पान और दिनचर्या में सुधार की तो बात करते रहते हैं पर नींद की जरूरतों और सोने के तरीके के बारे में कम बात होती है।
डॉक्टर कहते हैं, सोने का तरीका बदलकर आप दिल की समस्याओं के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं। घुटनों को हल्का मोड़कर बाईं करवट सोना दिल की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। वहीं दाईं ओर सोना दिल पर दबाव बढ़ाता है और इससे समय के साथ गंभीर समस्याओं का खतरा हो सकता है।
क्या कहती हैं विशेषज्ञ?
अमेरिका में कार्डियक विभाग के आईसीयू में काम करने वाली नर्स पेट्रीसिया मूर बताती हैं, हर कोई वैसे ही सोता है जैसे उसे आराम महसूस होता है। दाईं करवट या पीठ के बल सोने से आपके दिल पर मैकेनिकल दबाव पड़ता है।
बाईं करवट सोने से वह दबाव कम होता है और ब्लड सर्कुलेशन लगभग 40 प्रतिशत बेहतर होता है। डॉक्टरों के अनुसार, रात में सोने की आपकी पोजिशन स्लीप एपनिया जैसी कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं को भी प्रभावित करती है जो आपके कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य से जुड़ी होती है।
बाईं करवट सोना सबसे लाभकारी
अध्ययनों में पाया गया है कि बाईं करवट सोने से ईसीजी रीडिंग में बदलाव होते हैं।
बाईं करवट सोने और घुटनों के बीच तकिया रखने से रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है। नर्स पेट्रीसिया मूर बताती हैं, "मरीज हमेशा कहते हैं कि हम हमेशा दाईं करवट सोते हैं और मैं उनसे कहती हूं कि ये आरामदायक पोजिशन ही आपको आईसीयू में ले आई। वैसे तो आपके दिल को आपकी पसंदीदा सोने की पोजीशन से कोई फर्क नहीं पड़ता, बल्कि उस मैकेनिकल प्रेशर से फर्क पड़ता है जो सोते समय उसे रोकने की कोशिश करता है। इसलिए बाईं ओर करवट करके सोने से हृदय को आराम मिलता है और दिल से संबंधित समस्याओं का जोखिम कम होता है।
-------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।