Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा, डेल्टा प्लस और कप्पा, अब तक कोरोना के और न जाने कितने ही वैरिएंट दुनिया में आ चुके हैं और तबाही मचा रहे हैं। वैसे वायरस का बदलना तो एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन इस कोरोना में जब भी बदलाव आ रहा है, तो एक नया और खतरनाक वैरिएंट देखने को मिल रहा है। इस बदलाव के साथ कोरोना के लक्षणों में भी खूब बदलाव देखने को मिल रहा है। कोरोना की शुरुआत में लोगों में बुखार और सूखी खांसी जैसे लक्षण सामने आए थे, लेकिन बाद के दिनों में पॉजिटिव लोगों में तेज सिर दर्द और बदन दर्द जैसे लक्षण दिखे और उसके कुछ दिन बाद स्वाद और सूंघने की क्षमता का चला जाना भी कोरोना के आम लक्षणों में शामिल हो गया। अब तो इसके लक्षणों में लगातार बदलाव हो रहा है और नए-नए लक्षण देखने को मिल रहे हैं। तो अब सिर्फ सर्दी-खांसी नहीं बल्कि शरीर में हो रहे अन्य बदलावों पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
अलर्ट: कोरोना के बदले हुए लक्षण, केवल सर्दी खांसी ही नहीं शरीर में हो रहे इन बदलावों पर भी दें ध्यान
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कोरोना के नए लक्षण क्या हैं?
- विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना से संक्रमित कुछ मरीजों में दस्त, पेट में दर्द, बदन टूटना, उल्टी आना, स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसे नए लक्षण भी देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा आंखों का लाल या गुलाबी होना और जलन होना, सुनने मे परेशानी, जीभ पर जलन/कोविड टंग, बालों का झड़ना, रैशेज और त्वचा में जलन भी कोरोना का लक्षण हो सकता है।
कोरोना से ठीक होने के बाद की दिक्कतें
- कोरोना से ठीक होने के बाद भी मरीजों में कई तरह की समस्याएं देखने को मिल रही हैं, जिसे पोस्ट कोविड कहा जाता है। पोस्ट कोविड में मरीजों को कमजोरी, थकान, भूख न लगना, खांसी, सिर दर्द, बदन दर्द जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। इसके अलावा गंभीर समस्याओं में सांस लेने में परेशानी, म्यूकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) का संक्रमण, टीबी और गुलियन बेरी सिंड्रोम आदि का खतरा बना रहता है। इसलिए अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
कोरोना वैक्सीन लगवाने वाले लोग भी संक्रमित हो सकते हैं। हालांकि उनमें लक्षण गंभीर नहीं होते। एक अध्ययन के मुताबिक, जिन्हें वैक्सीन की एक डोज लगी है, उनमें सिर दर्द, नाक बहना, गले में खराश, छींक आना और लगातार खांसी आना जैसे लक्षण दिख सकते हैं। वहीं जिन लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है, उनमें इन लक्षणों के अलावा बुखार और स्वाद और सूंघने की क्षमता का चले जाना, जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना के किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। अगर आपने वैक्सीन लगवा ली है तो आप सुरक्षित हैं, लेकिन संक्रमित होने पर आप दूसरों के लिए खतरा बन सकते हैं, जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी है। यानी टीका लगवा चुके लोग वायरस के कैरियर बन सकते हैं। इसलिए हल्के लक्षण होने पर भी टेस्ट जरूर करवाएं।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।