Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
देश में कोरोना महामारी का कहर जारी है। अब तो संक्रमण के नए मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। केरल और महाराष्ट्र में मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 44 हजार से अधिक नए मरीज मिले हैं, जबकि कोरोना की वजह से करीब 500 लोगों की मौत हुई है। इन बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए देश में तीसरी लहर की आशंका भी बढ़ गई है। हालांकि इस बीच काफी संख्या में लोग कोरोना से ठीक भी हो रहे हैं, जिससे चिंताएं थोड़ी कम हो जा रही हैं। ऐसा माना जाता रहा है कि जो लोग कोरोना के हल्के संक्रमण का शिकार होते हैं, वे जल्दी ठीक हो जाते हैं। अब तक देश में तीन करोड़ 18 लाख से अधिक लोग संक्रमण से उबर चुके हैं। आइए जानते हैं कि माइल्ड कोरोना के क्या लक्षण हैं और होम क्वारंटीन के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
विशेषज्ञ से जानें: माइल्ड कोरोना के क्या हैं लक्षण, होम आइसोलेशन में कैसे रहें? किन बातों का रखें ध्यान
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माइल्ड कोरोना के लक्षण
- बुखार, खांसी
- गले में खराश
- गंध और स्वाद का पता नहीं चलना
- थकान
- सिरदर्द
विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना के माइल्ड यानी हल्के लक्षण वाले मरीजों को पूरी तरह ठीक होने में 2-8 हफ्तों का समय लग सकता है। हालांकि यह समय अलग-अलग व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकता है। आमतौर पर ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं है, बल्कि वे घर पर रह कर ही ठीक हो जाते हैं। अगर आप संक्रमित हों, तो सबसे पहले खुद के लिए एक अलग कमरा चुन लें और वहां किसी को आने-जाने न दें। बाथरूम भी वैसा इस्तेमाल करें, जिसमें कोई और न जाए।
होम आइसोलेशन में क्या करें?
- सुरक्षित शारीरिक दूरी, मास्क का इस्तेमाल और हाथों की साफ-सफाई का सख्ती से पालन करें
- शरीर के तापमान और ऑक्सीजन सेचुरेशन की निगरानी करें
- उपचार के लिए किसी डॉक्टर के संपर्क में रहें और उनकी सलाह पर ही दवाइयां लें
कोरोना के हल्के लक्षण के बावजूद अगर मरीज को सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा अगर लक्षण उभरने के पांच दिनों से अधिक समय तक तेज बुखार/गंभीर खांसी आदि रहे तो मरीज को तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की जरूरत है।