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इन कारणों से भारतीयों को सबसे अधिक होता है मुंह और गले का कैंसर, न करें नजरअंदाज
साल 2018 में भारत में पुरुषों में मुंह और होंठ का कैंसर सबसे आम कैंसर था। भारत में सभी प्रकार के कैंसरों में 30-40 प्रतिशत कैंसर मुंह और गले के हैं। पूरे विश्व में हर साल मुंह के कैंसर के मामले सबसे ज्यादा भारत में पाये जाते हैं। मुंह और गले के कैंसर के कई बार व्यक्ति स्वयं ही जिम्मेदार होता है लेकिन कई बार इसके कई अन्य कारण भी होते हैं। यह तो तय बात है मुंह और गले के कैंसर की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। भारत में मुंह तथा गले के कैंसर के मामलों को बढ़ाने में जोखिम के ये कारक होते हैं।
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85 प्रतिशत मुंह और गले के कैंसर मुख्यत: तंबाकू से जुड़े होते हैं
- फोटो : Social media
तंबाकू
धूम्रपान करना और तंबाकू संबंधी अन्य उत्पादों का इस्तेमाल करना मुंह और गले के कैंसर के लिये खतरे के मुख्य कारक होते हैं। लगभग 85 प्रतिशत मुंह और गले के कैंसर मुख्यत: तंबाकू से जुड़े होते हैं। साथ ही सेकंड हैंड स्मोक के संपर्क में आने वाले लोगों को मुंह और गले के कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
शराब
ज्यादा मात्रा में नियमित रूप से शराब पीने से मुंह, ग्रसनी और स्वरयंत्र संबंधी कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। शराब के साथ तंबाकू का सेवन करने से खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
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मुंह और गले के कैंसर को बढ़ने में कई साल लग जाते हैं
- फोटो : social media
उम्र
ज्यादातर मुंह और गले के कैंसर को बढ़ने में कई साल लग जाते हैं, इसलिये इस प्रकार का कैंसर युवाओं में ज्यादा नहीं पाया जाता है। 40 साल से अधिक उम्र के लोगों को मुंह और गले का कैंसर होने का खतरा ज्यादा रहता है।
लिंग
वैसे तो हर साल महिलाओं में मुंह और गले के कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन पुरुषों में महिलाओं की तुलना में मुंह और गले के कैंसर का खतरा 2 से 3 गुना ज्यादा होता है।
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अल्ट्रावॉयलेट किरणों के संपर्क में आने से मुंह और गले के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है
- फोटो : सोशल मीडिया
यूवी किरणों के संपर्क में आना
लंबे समय तक अल्ट्रावॉयलेट किरणों के संपर्क में आने से मुंह और गले के आस-पास की त्वचा तथा होंठ के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी)
एचपीवी इंफेक्शन और ऑरोफैरिंगियल कैंसर, हाइपोफैरिंक्स और टॉन्सिल के कैंसर का खतरा आपस में काफी करीब से जुड़े हुए हैं। इससे स्वरयंत्र के कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।
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मुंह और दांतों की साफ-सफाई का पूरा ध्यान नहीं रखते हैं
- फोटो : Pixabay
मुंह की सही साफ-सफाई ना रखना
जो लोग अपने मुंह और दांतों की साफ-सफाई का पूरा ध्यान नहीं रखते हैं, उन्हें मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
काम से जुड़े खतरे
लकड़ी के कण, पेंट के फ्यूम, कुछ खास प्रकार के केमिकल और एस्बेस्टस का सांस द्वारा अंदर लेने पर मुंह और गले के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
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