Medically Reviewed by Dr.Saket Kant
जानिए किन कारणों से हो सकता है जेस्टेशनल डायबिटीज और इस पर नियंत्रण पाने के उपाय
हो सकता है टाइप-2 डायबिटीज
गर्भकालीन मधुमेह वाली महिलाओं में, रक्त शर्करा का स्तर आमतौर पर प्रसव के बाद वापस सामान्य हो जाता है। लेकिन अगर आपको जेस्टेशनल डायबिटीज है, तो टाइप 2 डायबिटीज होने की संभावना अधिक होती है। चिकित्सकिय सलाह पर आप अपने ब्लड शुगर स्तर को बार- बार जांच लें। रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने से माँ और उसके बच्चे को स्वस्थ रखा जा सकता है और प्रसव के दौरान किसी भी जटिलता को रोका जा सकता है।ॉ
विभिन्न कारक जो गर्भकालीन मधुमेह को जन्म दे सकते हैं-
हार्मोनल परिवर्तन
गर्भावस्था के दौरान, हार्मोन का स्तर बदल जाता है, जिससे शरीर के लिए रक्त शर्करा को कुशलता से संसाधित करना कठिन हो जाता है और इसके परिणामस्वरूप रक्त शर्करा के स्तर में वृद्धि हो सकती है इसलिए बहुत जरूरी है कि आपके हार्मोन संतुलित हो।
इंसुलिन में उतार-चढ़ाव
पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (पीसीओएस) या कोई अन्य स्वास्थ्य स्थिति जो इंसुलिन में उतार-चढ़ाव का कारण बन सकती है। उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग, या अन्य कोई समस्या का होना।
-अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त होना
- पहले से परिवार के किसी सदस्य का मधुमेह से ग्रसित होना
-जेस्टेशनल डायबिटीज या प्रीडायबिटीज का इतिहास होना
-शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं होना