दिन-ब-दिन मेडिकल साइंस एडवांस होता जा रहा है। आज कैंसर से लेकर एड्स जैसी लाइलाज बीमारियों के भी इलाज मुमकिन हो गए हैं। वहीं दूसरी तरफ एक भयंकर फंगस इन्फेक्शन चुपचाप इंसानों की जिंदगी में तबाही मचा रहा है। शोधकर्ताओं के मुताबिक इस इन्फेक्शन की चपेट में आए इंसानों में से आधे लोगों की 90 दिन के भीतर मौत हो गई। सबसे ज्यादा डराने वाली बात यह है कि अब तक इसका कोई सफल इलाज नहीं है।
कैंडिडा ऑरिस नाम के इस फंगस से प्रभावित इंसान की अगर मौत भी हो जाए उसके बाद भी यह फंगस जिंदा रहता है और किसी दूसरे के शरीर में आसानी से प्रवेश कर उन्हें भी अपनी चपेट में ले सकता है। यह वायरस उन लोगों पर अटैक करता है, जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है।
यह फंगस पूरी दुनिया में चुपचाप फैलता जा रहा है। हाल ही में न्यू यॉर्क, न्यू जर्सी और इलिनॉय में इस वायरस की चपेट में आए मरीज के कुछ केस सामने आए, जिसके बाद संघीय केंद्र ने इस फंगस को ऐसे जीवाणुओं की लिस्ट में डाल दिया जिनसे इंसानों को आज के समय में बड़ा खतरा है। धीरे धीरे यह फंगस भारत, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रिका में भी पैर जमाना शुरू कर दिए हैं।
इस फंगस से प्रभावित लोगों पर ऐंटीफंगल मेडिकेशन का भी कोई असर नहीं दिखाई दिया। यही वजह है कि इस फंगस से संक्रमित मरीजों के बचने के चांस बहुत कम होते हैं। हर दिन के साथ यह समस्या बढ़ती जा रही है, लेकिन लोगों को इसके बारे में अभी बहुत कम ही जानकारी है। ऐसा इसलिए क्योकि अभी इस फंगस को गोपनीय बनाकर रखा गया है।
कोई भी इस फंगस के बारे में इसलिए बताने से बच रहा है क्योकि उन्हें इस बात का डर है कि इस बात को आफटब्रेक करने के बाद उन्हें इस इन्फेक्शन का केंद्र माना जाएगा। रिपोर्ट्स की माने तो कैंडिडा ऑरिस नामक इस फंगस से पीड़ित करीब आधे मरीजों की 90 दिन के भीतर मौत हो गई। इसके बावजूद विशेषज्ञ इस बात के बारे में मालूम नहीं कर पाए कि यह फंगस कब और कहां से आया है। यूएस में अब तक कैंडिडा ऑरिस के करीब 587 मामले सामने आ चुके हैं।