एक शोध से पता चला है कि भारत में स्वस्थ दिखने वाले अधिकतर शहरी लोग विटामिन की कमी से ग्रस्त हैं। हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पोषण संस्थान के वैज्ञानिक 30 से 70 वर्ष के लोगों में विटामिन के स्तर का अध्ययन करने के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं। इस अध्ययन में 270 प्रतिभागी शामिल थे।
इस शोध में आधे लोग विटामिन बी2 और बाकी लोग विटामिन बी6 की कमी से ग्रस्त पाए गए हैं। हालांकि, लोग विटामिन की कमी को आमतौर पर नजरंदाज करते हैं और बी1, बी2 और बी6 विटामिनों की कमी की ओर कम ध्यान दिया जाता है।
विटामिन की कमी से होने वाली बीमारियां
विटामिन बी2 की कमी एनीमिया और हृदय रोगों से जुड़ी होती है। विटामिन बी6 की कमी का संबंध मस्तिष्क, कैंसर, माइग्रेन, पुराने दर्द, हृदय रोग, और अवसाद (डीप्रेशन) से जुड़ा है। विटामिन बी1 की कमी से अल्जाइमर, कैंसर संबंधी रोग हो सकते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, विटामिन बी12 और विटामिन-ए के अलावा अन्य विटामिनों की कमी को नजरंदाज करने से गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
शोधकर्ता के अनुसार, कोई भी एक खाद्य पदार्थ या भोजन सभी पोषक तत्वों की आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकता। भोजन में विभिन्न प्रकार के फल, सब्जियां, डेयरी उत्पाद, सूखे मेवे, बीज का सेवन पोषक तत्वों की जरूरतों को पूरा करने में मददगार हो सकता है। विटामिन बी12 का निम्न स्तर और विटामिन बी2 एवं बी6 से एमीनो एसिड, होमोसिस्टीन के रूप में वृद्धि का कारण बनता है, जो रक्त संबंधी समस्याओं के लिए जिम्मेदार है। इससे मस्तिष्क और हृदय स्ट्रोक, कमजोर हड्डियों के कारण फ्रैक्चर और डिमेंशिया जैसे विकार हो सकते हैं।
सब्जियों, फलों और डेयरी उत्पादों जैसे विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन कम करने से इस तरह की पोषण संबंधी समस्याएं होती हैं। महिलाओं की तुलना में पुरुष छह प्रकार के विटामिनों का अधिक सेवन करते हैं।