हमारा शरीर कितना सेहतमंद होगा, यह बहुत कुछ हमारे जीवशैली और खान-पान पर निर्भर करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल की गड़बड़ आदतों के कारण समय के साथ कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ता जा रहा है। हमारी कुछ आदतें कैंसर कारक और जानलेवा भी हो सकती है, जिनको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि धूम्रपान ऐसी ही खराब आदत है जिसे सेहत के लिए कई प्रकार के गंभीर खतरों वाला पाया गया है।
वैज्ञानिकों की चेतावनी: इस एक आदत के कारण शरीर में रोजाना पहुंच रहा है 'जहर', इससे कैंसर और मृत्यु का खतरा
सिगरेट पर प्रिंट होगी चेतावनी
कनाडा सरकार में मानसिक स्वास्थ्य मंत्री रहे कैरोलिन बेनेट कहते हैं, तम्बाकू के सेवन से हर साल 48,000 कनाडाई लोगों की मौत हो रही है। हमने हर सिगरेट पर स्वास्थ्य चेतावनी संदेशों को लेबल करने का फैसला किया है, उम्मीद है कि इस प्रयास से लोगों में हर बार सिगरेट से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह कदम धूम्रपान पर अंकुश लगाने के उपायों की श्रृंखला में नवीनतम है।
भारत में धूम्रपान का खतरा
भारत के संदर्भ में बात करें तो यहां भी धूम्रपान बड़ा स्वास्थ्य जोखिम रहा है। पफ्ड सिगरेट के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बीड़ी का चलन कई प्रकार के स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ाने वाला माना जाता है। ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे इंडिया के 2016-17 रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 267 मिलियन वयस्क (15 वर्ष और उससे अधिक) तंबाकू के सेवन करते हैं।
भारत में तंबाकू के उपयोग धूम्रपान से कहीं ज्यादा खैनी, गुटखा, तंबाकू और जर्दा के रूप में किया जाता है, तंबाकू चबाने को मुंह के कैंसर को प्रमुख जोखिम कारकों में से एक पाया गया है।
बीड़ी के पैकेटों पर चेतावनी
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि भारत में सिगरेट से ज्यादा बीड़ी का चलन है और दुर्भाग्यवश इसके पैकेट्स पर आवश्यक चेतावनी की भी कमी होती है। बीड़ी एक ज्वलनशील तम्बाकू उत्पाद है। बीड़ी के धुएं में नियमित सिगरेट की तुलना में तीन से पांच गुना अधिक निकोटीन होता है जिससे निकोटीन की लत का खतरा होता है। बीड़ी पीने से मुंह का कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, पेट का कैंसर और ग्रासनली का कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
विशेष कैंपेन और जागरूकता की जरूरत
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों से शरीर को होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए। हर साल तंबाकू उत्पादों के कारण कैंसर का खतरा और इससे मृत्यु के मामले बढ़ते जा रहे हैं। कनाडा सरकार के जैसे प्रयास दूसरे देशों को भी करना चाहिए, जिससे तंबाकू उत्पादों के सेवन को प्रतिबंधित किया जा सके। तंबाकू किसी भी रूप से शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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