क्या आपको भी एहसास हो रहा है कि पिछले कुछ समय से आप चीजों को भूल जा रहे हैं, याददाश्त की समस्या परेशान कर रही है और हाल ही में पढ़ी हुई बात कुछ देर बाद दिमाग से निकल जाती है? याददाश्त से संबंधित ये समस्याएं वैसे तो आम जीवन में काफी आम हैं, लेकिन अगर ये लगातार बनी रहती हैं और इसके कारण आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर भी असर पड़ने लगा है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए।
दिमागी सेहत: याददाश्त की कमजारी कहीं ब्रेन फॉग का तो नहीं है संकेत, जानिए क्या है ये बीमारी
Brain Health: ब्रेन फॉग में ध्यान, सोचने की गति, शब्दों का याद न रख पाने की दिक्कत हो सकती है। हालांकि ये डिमेंशिया नहीं है। थकान-तनाव, नींद की समस्या और दूसरी स्वास्थ्य स्थितियां इसका कारण बन सकती हैं। लेकिन लगातार बढ़ती याददाश्त की समस्या और रोजमर्रा के काम प्रभावित हों तो जांच जरूरी है।
ब्रेन फॉग के बारे में जान लीजिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्रेन फॉग कोई मेडिकल शब्द या बीमारी नहीं है, बल्कि यह मानसिक उलझन, थकान, ध्यान न लगा पाने या साफ-साफ न सोच पाने की स्थिति को बताता है। यह अपने आप में कोई क्लिनिकल बीमारी या डायग्नोसिस नहीं है। यह उन लक्षणों का समूह है जो आपकी सोचने-समझने की क्षमता कॉग्निटिव फंक्शन पर असर डालते हैं।
- इसके लक्षण डिमेंशिया की तरह दिखते हैं, पर ये डिमेंशिया नहीं है।
- डिमेंशिया में मस्तिष्क की कार्यक्षमता में लगातार गिरावट आती है और इसका असर याददाश्त के अलावा भाषा, सोच, समझ, व्यवहार और रोजमर्रा के कामों पर भी पड़ सकता है।
- इसलिए कभी-कभार भूलने और लगातार बढ़ती याददाश्त की समस्या के बीच फर्क समझना जरूरी है।
ब्रेन फॉग में में क्या होता है?
ब्रेन फॉग में आपको लग सकता है कि दिमाग पहले की तरह तेजी से काम नहीं कर रहा।
- इसके अलावा ध्यान लगाने में परेशानी, बातचीत में सही शब्द याद न मिलने, पढ़ी हुई चीजों को समझने में ज्यादा समय लगने और एक साथ कई काम करने में दिक्कत हो सकती है। कुछ लोगों को साधारण काम भी भारी लग सकते हैं।
- ब्रेन फॉग कई कारणों जैसे थकान, दर्द, चिंता और शारीरिक बीमारी के बाद की कमजोरी जैसी स्थितियों के कारण हो सकता है।
- नींद खराब होने पर भी सोचने और ध्यान लगाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
भूलना कब सामान्य है और कब जांच जरूरी है
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हर इंसान कभी न कभी चाबी, मोबाइल या किसी व्यक्ति का नाम भूल सकता है। कभी-कभार होने वाली ऐसी भूल सामान्य हो सकती है।
- परेशानी तब ज्यादा बढ़ जाती है जब याददाश्त की समस्या बार-बार होने लगे और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगे।
- बार-बार जरूरी काम भूलना, घर के रास्ते या रोज के कामों में भ्रमित होना या बातचीत समझने में लगातार परेशानी होने पर आपको डॉक्टर से जरूर मिल लेना चाहिए।
ब्रेन फॉग को ध्यान और मानसिक स्पष्टता की परेशानी के रूप में देखा है। वहीं डिमेंशिया में लक्षण लगातार बढ़ सकते हैं और रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगते हैं। अगर भूलने की समस्या लगातार बनी हुई है, बढ़ रही है या परिवार के लोगों को भी उसमें बदलाव दिखाई दे रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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