सुबह की शुरुआत चाय या कॉफी से करना ज्यादातर लोगों की आदत है। इसके अलावा थकान, नींद आ रही हो या काम का दबाव ज्यादा हो तो भी कैफीन वाला पेय तुरंत राहत देता हुआ लगता है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दिनभर में बहुत ज्यादा चाय-कॉफी पीना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ज्यादा कैफीन महिलाओं के हार्मोन और प्रजनन स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है?
Caffeine Intake: क्या ज्यादा चाय-कॉफी का महिलाओं में हार्मोनल संतुलन पर भी पड़ सकता है असर? जानिए इसका सच
क्या ज्यादा चाय-कॉफी पीने से महिलाओं के हार्मोन प्रभावित हो सकते हैं? कैफीन का पीरियड्स, फर्टिलिटी और प्रेग्नेंसी पर कितना असर पड़ता है? जानिए दिन में कितनी चाय-कॉफी सुरक्षित मानी जाती है और किन लक्षणों में कैफीन का सेवन कम कर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
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क्या कैफीन हार्मोन संतुलन बिगाड़ देता है?
कैफीन को सीधे तौर पर हार्मोनल बीमारी का कारण कहना सही नहीं है। कुछ अध्ययनों में कैफीन और एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन के बीच संभावित संबंधों की चर्चा हुई है, लेकिन इसके आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि चाय-कॉफी पीने से महिलाओं के हार्मोन निश्चित रूप से बिगड़ जाते हैं।
- बहुत ज्यादा कैफीन से नींद खराब होने, बेचैनी और तनाव बढ़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- ये बदलाव अप्रत्यक्ष रूप से मासिक धर्म और रोजमर्रा की सेहत को प्रभावित कर सकते हैं।
पीरियड्स और प्रजनन क्षमता पर असर
मासिक धर्म पर कैफीन के प्रभाव को लेकर अध्ययन पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। कुछ अध्ययनों में ज्यादा कैफीन लेने से मासिक चक्र की अवधि में बदलाव देखा गया है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि कैफीन ही इसका कारण है। इसी तरह उपलब्ध शोध में सामान्य रूप से कैफीन लेने से गर्भधारण की क्षमता कम होने का स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला है।
- अगर पीरियड्स लगातार अनियमित हो रहे हैं, बहुत ज्यादा दर्द या रक्तस्राव हो रहा है या गर्भधारण में परेशानी आ रही है, तो केवल चाय-कॉफी को वजह मानने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
डॉक्टर कहते हैं, गर्भावस्था में कैफीन का सेवन सीमित रखने की सलाह दी जाती है। चाय-कॉफी के अलावा चॉकलेट, एनर्जी ड्रिंक और कुछ अन्य उत्पादों में भी कैफीन हो सकता है।
कब हो जाएं सावधान?
अगर चाय-कॉफी लेने के बाद बार-बार धड़कन तेज होना, बेचैनी, हाथ कांपना, सिरदर्द, पेट में परेशानी या नींद खराब होने जैसी समस्या हो रही है, तो कैफीन की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए।
- कैफीन नींद में बाधा डाल सकती है और कुछ लोगों में चिंता या बेचैनी को बढ़ा सकती है।
- गर्भावस्था में यह मितली और नींद की परेशानी को भी प्रभावित कर सकता है।
- अगर इन समस्याओं के साथ पीरियड्स में लगातार बदलाव, बहुत ज्यादा थकान या अन्य हार्मोन संबंधी लक्षण हैं, तो केवल चाय-कॉफी कम कर दें और डॉक्टर से जांच कराएं।
तो क्या चाय-कॉफी बंद कर दें?
डॉक्टर कहते हैं, चाय-कॉफी आमतौर पर पेट से संबंधित दिक्कतें बढ़ा सकती है पर इससे हार्मोनल दिक्कतों का खतरा नहीं होता है। हालांकि अगर पीरियड्स लगातार अनियमित हैं, गर्भधारण में परेशानी हो रही है, असामान्य रक्तस्राव हो रहा है या हार्मोन से जुड़े दूसरे लक्षण लगातार बने हुए हैं, तो डॉक्टर से मिलें।
चाय-कॉफी को पूरी तरह बंद करने के बजाय मात्रा नियंत्रित करना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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स्रोत:
Metabolic and hormonal effects of caffeine: randomized, double-blind, placebo-controlled crossover trial
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