दुनियाभर में तेजी से बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने बजट 2022-23 में इस दिशा में बड़े कदम की घोषणा की है। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए बताया कि मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते देश में नेशनल टेलीमेंटल सेंटर शुरू किए जाएंगे। आईआईटी बैंगलोर इसके लिए तकनीकि सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इसमें स्वास्थ्य प्रदाताओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की डिजिटल रजिस्ट्रियां, विशिष्ट स्वास्थ्य पहचान और लोगों तक बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को सुनिश्चित किया जाएगा।
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Budget 2022: मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम, नेशनल टेलीमेंटल सेंटर बनाने की घोषणा
Tue, 01 Feb 2022 01:30 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिलाष श्रीवास्तव
Updated Tue, 01 Feb 2022 01:30 PM IST
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बजट 2022 LIVE
- फोटो : पीटीआई
मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं
- फोटो : Pixabay
क्या बोलीं वित्तमंत्री
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि आईआईटी बैंगलोर विशेष टेली-परामर्श सेवाओं के लिए प्रौद्योगिकी सहायता प्रदान करेगा। महामारी ने सभी उम्र के लोगों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा दिया है। लोगों तक गुणवत्ता मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और देखभाल सेवाओं को पहुंचाने की आवश्यकता है जिसको लेकर यह महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। कोरोना का यह दौर शारीरिक और मानसिक, दोनों ही तरह के स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।
बजट में मानसिक स्वास्थ्य की तरफ ध्यान
- फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम की सराहना करते हुए वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ सत्यकांत त्रिवेदी कहते हैं, जिस तरह से पिछले कुछ वर्षों में मानसिक स्वास्थ्य के मामलों में तेजी से इजाफा देखा गया है, ऐसे में टेलीमेंटल सेंटर शुरू किए जाने की घोषणा निश्चित ही सराहनीय कदम है। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रह रहे लोग, जहां मनोचिकित्सकों की आसानी से पहुंच नहीं है, उनको बहुत लाभ मिलने वाला है। जनसंख्या के हिसाब से बात करें तो देश अभी भी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की कमी से जूझ रहा है, जिसके कारण लोगों को काफी असुविधाएं होती है, इस दिशा में भी यह कदम काफी महत्वपूर्ण होने वाला है।
टेलीमेंटल सेंटर शुरू होने से लोगों की समस्या को समझना और उनकी काउंसिलिंग करना आसान होगा। लोगों की समस्याओं का समय रहते निदान हो सकेगा, जिससे मानसिक स्वास्थ्य को लेकर आने वाले वर्षों में जो बड़ा संकट नजर आ रहा है, उसे कम करने में मदद मिल सकेगी। मानसिक स्वास्थ्य के लिए अभी भी काफी स्पेस है, जिसपर सरकार को ध्यान देना चाहिए। योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी अगर सरकार तेजी से काम करे तो इसका ज्यादा लाभ मिल सकेगा।
मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम की सराहना करते हुए वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ सत्यकांत त्रिवेदी कहते हैं, जिस तरह से पिछले कुछ वर्षों में मानसिक स्वास्थ्य के मामलों में तेजी से इजाफा देखा गया है, ऐसे में टेलीमेंटल सेंटर शुरू किए जाने की घोषणा निश्चित ही सराहनीय कदम है। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रह रहे लोग, जहां मनोचिकित्सकों की आसानी से पहुंच नहीं है, उनको बहुत लाभ मिलने वाला है। जनसंख्या के हिसाब से बात करें तो देश अभी भी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की कमी से जूझ रहा है, जिसके कारण लोगों को काफी असुविधाएं होती है, इस दिशा में भी यह कदम काफी महत्वपूर्ण होने वाला है।
टेलीमेंटल सेंटर शुरू होने से लोगों की समस्या को समझना और उनकी काउंसिलिंग करना आसान होगा। लोगों की समस्याओं का समय रहते निदान हो सकेगा, जिससे मानसिक स्वास्थ्य को लेकर आने वाले वर्षों में जो बड़ा संकट नजर आ रहा है, उसे कम करने में मदद मिल सकेगी। मानसिक स्वास्थ्य के लिए अभी भी काफी स्पेस है, जिसपर सरकार को ध्यान देना चाहिए। योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी अगर सरकार तेजी से काम करे तो इसका ज्यादा लाभ मिल सकेगा।