ब्रेन हेमरेज, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह मस्तिष्क में चोट की गंभीर और जानलेवा समस्याओं में से एक मानी जाती है। यह समस्या कई कारणों से मस्तिष्क में होने वाले रक्तस्राव को संदर्भित करती है। ब्रेन हेमरेज को स्वास्थ्य विशेषज्ञ आपात चिकित्सा के रूप में वर्गीकृत करते हैं जिसमें रोगी को तुरंत उपचार की आवश्यकता होती है। डॉक्टर बताते हैं कि हमारा मस्तिष्क चारों तरफ से खोपड़ी की संरचना से घिरा हुआ होता है। किसी भी कारण से होने वाले रक्तस्राव की स्थिति में मस्तिष्क के ऊतकों में संकुचन या क्षति हो सकती है। यह स्थिति बेहद खतरनाक है, जिसमें लोगों की जान जा सकती है।
ब्रेन हेमरेज: जानलेवा हो सकती है यह स्थिति, जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके
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डॉक्टर बताते हैं कि कई शारिरिक स्थितियां ब्रेन हेमरेज का कारण बन सकती हैं। ब्रेन हेमरेज के प्रभाव अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों में अलग-अलग हो सकते हैं। यह समस्या सबसे अधिक उम्रदराज लोगों में देखने को मिलती है। शिशुओं में जन्म के समय चोट या गर्भावस्था के दौरान मां के पेट पर लगे चोट के कारण भी ब्रेन हेमरेज की समस्या हो सकती है। इसके अलावा कई अन्य स्थितियां भी इस समस्या को जन्म दे सकती हैं।
- सिर में चोट या चोट
- मस्तिष्क में धमनी विस्फार या मस्तिष्क की धमनियों में कमजोरी
- हाई ब्लड प्रेशर
- रक्त वाहिकाओं से संबंधित समस्याएं
- रक्त या रक्तस्राव संबंधी विकार
- लिवर की बीमारी
- मस्तिष्क का ट्यूमर
- अवैध दवाओं का सेवन
डॉक्टर बताते हैं, ब्रेन हेमरेज में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जिनको समय पर पहचान कर रोगी को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना आवश्यक होता है। सामान्यतौर पर लोगों को अचानक झुनझुनी, कमजोरी, सुन्नता की समस्या हो सकती है। इसके अलावा चेहरे, हाथ या पैर में लकवा की भी समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए। लक्षणों का समय पर पहचान करना सबसे आवश्यक होता है, ऐसी स्थितियों में विशेष सावधानी बरतें।
- अचानक गंभीर सिरदर्द
- निगलने में कठिनाई
- दृष्टि की समस्या
- शरीर का संतुलन या समन्वय न बन पाना।
- भ्रम या चीजों को समझने में कठिनाई
- बात करने में दिक्कत या ठीक से बोल न पाना
- स्तब्धता, सुस्ती या बेहोशी
- झटके आना।
ब्रेन हेमरेज का इलाज कैसे होता है?
एमआरआई या सीटी स्केन के आधार पर ब्रेन हेमरेज का निदान होता है। यदि स्थिति गंभीर है तो ब्रेन हेमरेज के इलाज के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। मस्तिष्क पर बन रहे दबाव को दूर करने के लिए ऑपरेशन किया जा सकता है। कई स्थितियों में खोपड़ी के हिस्से को हटाया भी जा सकता है। हालांकि यदि स्थिति गंभीर नहीं है तो डॉक्टर कुछ विशेष प्रकार की दवाएं दे सकते हैं। रोगियों को फिजिकल थेरपी, स्पीच थेरपी या आवश्यकतानुसार ऑक्यूपेशनल थेरपी दी जा सकती है।
ब्रेन हेमरेज से कैसे रहें सुरक्षित?
अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ न्यूरोलॉजिकल सर्जन के अनुसार सभी लोगों को ब्रेन हेमरेज से बचाव के उपाय करने चाहिए। सिर को किसी भी तरह से चोट से बचाकर रखें। बाइक चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें। जिन लोगों को पहले ब्रेन हेमरेज या स्ट्रोक हो चुका है, उन्हें भविष्य में दूसरी बार भी इसका खतरा 25 फीसदी तक हो सकता है। जीवनशैली में बदलाव करना और खान-पान बेहतर रखना आवश्यक है। वहीं जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है उन्हें रक्तचाप को कम करने के लिए आवश्यक उपाय करते रहने चाहिए।
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स्रोत और संदर्भ:
Brain Bleed, Hemorrhage (Intracranial Hemorrhage)
अस्वीकरण नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।