Medically Reviewed by Dr. I.N. Vajpai
न्यूरो सर्जन
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम.एस (जनरल सर्जरी), एमसीएच (न्यूरो सर्जरी), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
अनुभव- 45 वर्ष
शरीर के स्वस्थ रहने के लिए हड्डियों का स्वस्थ रहना भी जरूरी होता है। हालांकि उम्र बढ़ने के साथ ही लोगों की हड्डियों की मजबूती और घनिष्टता धीरे-धीरे कम होने लगती है, ऐसे में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा काफी बढ़ जाता है। दरअसल, ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों की एक गंभीर बीमारी है, जिसमें हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि उनके टूटने का खतरा पैदा हो जाता है। पोषण की कमी, शारीरिक गतिविधि न होना, वजन का बहुत अधिक कम होना आदि ऑस्टियोपोरोसिस के प्रमुख कारण हैं। चूंकि कैल्शियम हड्डियों को मजबूती देने का काम करता है, लेकिन अगर शरीर में इसकी कमी हो जाए तो ऑस्टियोपोरोसिस होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा विटामिन-डी, के, मैग्नीशियम, मैंगनीज, जिंक और कॉपर जैसे पोषक तत्वों की कमी भी हड्डियों की कमजोरी का कारण बन सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए किन चीजों को डाइट में शामिल करना चाहिए?
सलाह: हड्डियों को मजबूत बनाने में ये चीजें हैं फायदेमंद, डाइट में जरूर करें शामिल
दूध
- दूध पीना सेहत के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए नियमित रूप से दूध का सेवन करना चाहिए। यह शरीर में ऊर्जा को बढ़ाने में भी मदद करता है और इसे दिल के लिए भी अच्छा माना जाता है।
अखरोट
- अखरोट पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसका सेवन दिमाग और दिल के लिए तो सेहतमंद होता ही है, साथ ही यह हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत रखने में अहम भूमिका निभाता है। नियमित रूप से इसका सेवन हड्डियों से संबंधित बीमारियों को बहुत हद तक कम कर देता है।
बादाम
- बादाम में भी कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। इसमें कैल्शियम से लेकर मैग्नीशियम, मैंगनीज और पोटैशियम होते हैं, जो स्वस्थ और मजबूत हड्डियों के लिए जरूरी हैं। इसलिए हड्डियों को मजबूत करने और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से बचने के लिए रोजाना बादाम खाएं या फिर बादाम वाला दूध पिएं।
तिल के बीज
- तिल के बीज कैल्शियम से भरपूर होते हैं, जो हड्डियों के लिए बेहद ही फायदेमंद हैं। इसके साथ ही इसमें मैग्नीशियम, मैंगनीज, कॉपर, जिंक और फास्फोरस भी होते हैं और ये भी हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी होते हैं। इसलिए अपने आहार में तिल के बीज को जरूर शामिल करें।
नोट: डॉ. आईएन वाजपई अत्यधिक योग्य और अनुभवी न्यूरो सर्जन हैं। इन्होंने लखनऊ के केजीएमसी से अपना एमबीबीएस किया है। इसके बाद इन्होंने जनरल सर्जरी में एमएस किया और न्यूरो सर्जरी में एमसीएच की पढ़ाई की है। इन्होंने 1996 में कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम किया और 2012 में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के रूप में रिटायर हुए। डॉक्टर आईएन वाजपाई आईएमए एंड न्यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉक्टर वाजपई को 45 वर्षों का अनुभव है।
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