किडनी में कैंसर होना एक गंभीर बीमारी है, जिसका समय पर पता लगना महत्वपूर्ण हो जाता है। हालांकि, इसके लक्षणों और जोखिम कारकों को लेकर लोगों के बीच कई तरह की गलत धारणाएं मौजूद हैं। कुछ लोग मानते हैं कि पेशाब में खून आना हमेशा कैंसर का संकेत है, तो कुछ को लगता है कि यह बीमारी केवल बुजुर्गों को होती है। ऐसी अधूरी जानकारियां बीमारी की पहचान और उपचार में देरी का कारण बन सकती हैं।
जानना जरूरी: क्या आपके पेशाब में आ रहा है खून? कहीं ये किडनी के कैंसर का तो नहीं है लक्षण?
Kidney Diseases: किडनी कैंसर को लेकर कई गलतफहमियां लोगों को भ्रमित कर रही हैं। पेशाब में खून आना हमेशा कैंसर का संकेत नहीं है और यह बीमारी केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है। पुरुषों में इसका जोखिम अधिक पाया जाता है। धूम्रपान, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर जैसे कारकों को समझना जरूरी है।
किडनी के कैंसर का खतरा उम्र बढ़ने के साथ बढ़ता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि युवा इस बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित हैं। कम उम्र के वयस्कों में भी किडनी कैंसर हो सकता है।
- धूम्रपान, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, कुछ आनुवंशिक स्थितियां इसके जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
- किडनी की कुछ क्रॉनिक बीमारियां और लंबे समय तक डायलिसिस की जरूरत भी कुछ प्रकार के किडनी कैंसर के जोखिमों का कारण हो सकती है।
उम्र कम होने के कारण असामान्य लक्षणों को अनदेखा न करें। पेशाब में खून, लगातार एक तरफ दर्द या बिना स्पष्ट कारण वजन कम होने जैसी समस्याओं में समय रहते डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
पेशाब में खून दिखाई देना एक ऐसा लक्षण है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, इसका मतलब ये नहीं है कि आपको किडनी कैंसर ही है। यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई), किडनी में पथरी और मूत्र मार्ग से जुड़ी अन्य समस्याएं भी इसका कारण बन सकती हैं।
- कभी-कभी पेशाब में खून इतना कम होता है कि वह आंखों से दिखाई भी नहीं देता और जांच के दौरान इसका पता चलता है।
- वहीं, पेशाब का लाल या गहरा भूरा रंग कुछ खाद्य पदार्थों और दवाओं के कारण भी हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ, किडनी और लिवर दोनों के लिए अल्कोहल को खतरनाक मानते हैं। शराब का सेवन करने से पूरे शरीर पर इसके गंभीर दुष्प्रभाव देखे जा सकते हैं। अल्कोहल की ही तरह धूम्रपान भी किडनी कैंसर के जोखिम को दोगुना कर देता है। सिर्फ यही दो आदतें पुरुषों में गुर्दे में कैंसर के लगभग 30% और महिलाओं में लगभग 25% का कारण बनती हैं।
मिथ: महिलाओं को किडनी कैंसर होने का अधिक खतरा होता है।
किडनी का कैंसर किसी भी उम्र या लिंग वालों को हो सकता है। हालांकि पुरुषों में महिलाओं की तुलना में इसका जोखिम लगभग दोगुना होता है। धूम्रपान और कार्यस्थल पर कैंसर पैदा करने वाले विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आने के कारण इसका खतरा अधिक हो सकता है। हालांकि जिन महिलाओं को बार-बार यूटीआई या योनि संक्रमण होता रहता है उन्हें डॉक्टर से मिलकर किडनी की सेहत की जांच जरूर कराते रहना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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