शरीर के सभी अंगों को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए नियमित रूप से कई प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। हम दैनिक आहार से शरीर के लिए आवश्यक ज्यादातर पोषक तत्वों की आसानी से पूर्ति कर सकते हैं। हालांकि कुछ पोषक तत्व ऐसे होते हैं जिनके लिए आपको विशेष आहार की आवश्यकता होती है। बायोटिन ऐसा ही एक पोषक तत्व है जिसे बालों और त्वचा को सेहतमंद बनाए रखने के लिए सबसे आवश्यक माना जाता है। बायोटिन को विटामिन-एच के रूप में भी जाना जाता है, यह बी कॉम्प्लेक्स विटामिनों में से एक है जो शरीर में भोजन को ऊर्जा में बदलने में मदद करता है।
Health Tips: बालों और त्वचा के लिए बायोटिन बहुत जरूरी, इसकी कमी बढ़ा सकती है कई समस्याएं, जानिए विस्तार से
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शरीर में बायोटिन की कमी
बायोटिन की कमी, अन्य विटामिन्स की कमी की तरह सामान्य नहीं है। फिर भी कुछ लोगों में इस पोषक तत्व की कमी का जोखिम हो सकता है जिस बारे में विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक हो जाता है। इस पोषक तत्व की कमी की स्थिति में मुख्यरूप से त्वचा पर लाल चकत्ते होना विशेषकर चेहरे पर, बाल का पतला होना या आसानी से टूटना, थकान, अनिद्रा या सोने में कठिनाई, भूख में कमी, डिप्रेशन, हाथों और पैरों में जलन या चुभन महसूस होना, मांसपेशियों में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
बायोटिन की दैनिक मात्रा
किशोरों और वयस्कों के लिए प्रतिदिन 30 से 100 माइक्रोग्राम (एमसीजी) की मात्रा में बायोटिन के सेवन की सलाह दी जाती है। चूंकि यह पानी में घुलनशील तत्व है, इसलिए जब आप पेशाब जाते हैं तो अतिरिक्त बायोटिन आपके शरीर से बाहर निकल जाता है। वैसे तो अधिकांश लोगों के लिए बायोटिन सप्लीमेंट्स को सुरक्षित माना जाता है पर कुछ लोगों में इसके साइड-इफेक्ट्स के कारण मितली और पाचन संबंधी समस्याओं का जोखिम हो सकता है। यही कारण है कि इसके सप्लीमेंट्स को हमेशा डॉक्टर की सलाह के आधार पर ही सेवन की सलाह दी जाती है।
आहार से कैसे प्राप्त करें बायोटिन
बायोटिन कई खाद्य पदार्थों में पाया जा सकता है, आहार में कुछ चीजों को शामिल करके इसकी आसानी से पूर्ति की जा सकती है। अंडे की जर्दी, मांस, बादाम, मूंगफली, पेकान, और अखरोट जैसे मेवा, सोयाबीन और अन्य फलियां, साबुत अनाज, फूलगोभी, केले, मशरूम आदि में इस पोषक तत्व की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। अध्ययनों से पता चलता है कि सप्लीमेंट्स की जगह आहार के माध्यम से इसकी पूर्ति करना ज्यादा लाभकारी होता है।
मधुमेह रोगियों को मिल सकता है लाभ
टाइप-2 डायबिटीज मेटाबॉलिज्म विकार की स्थिति है। शोधकर्ताओं ने पाया कि बायोटिन की कमी रक्त शर्करा या ग्लूकोज के रेगुलेशन को बाधित कर सकती है। कुछ सबूत बताते हैं कि मधुमेह वाले लोगों में अक्सर बायोटिन का स्तर कम हो सकता है। जानवरों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि बायोटिन सप्लीमेंट्स इंसुलिन प्रतिरोध को कम कर सकते हैं, हालांकि बिना डॉक्टरी सलाह के इसका सेवन गंभीर जटिलताओं का कारण भी बन सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।