कोरोना वायरस के संक्रमण से दुनियाभर के कई देश जूझ रहे हैं। दुनियाभर के लोगों को कोरोना की सुरक्षित और कारगर वैक्सीन का इंतजार है, जो लंबे समय तक हमें इसके संक्रमण से बचा सके। रूस और चीन ने इसकी वैक्सीन तैयार कर ली है और पंजीकरण करा लिया है, जबकि भारत, अमेरिका, ब्रिटेन आदि देश कोरोना की वैक्सीन पर तेजी से काम कर रहे हैं। ये देश वैक्सीन पर सफलता के काफी करीब पहुंच चुके हैं औन आने वाले कुछ महीनों में वैक्सीन को मंजूरी दी जा सकती है। माना जा रहा है कि अगले साल बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान भी शुरू होगा। भारत में तीन वैक्सीन कैंडिडेट्स रेस में आगे हैं। इनमें आईसीएमआर के सहयोग से विकसित की जा रही देसी कोरोना वैक्सीन COVAXIN से बड़ी उम्मीदें हैं। इस वैक्सीन की प्रगति को लेकर एक अच्छी खबर आ रही है।
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वैक्सीन ने बढ़ाई उम्मीद
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आईसीएमआर यानी भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से वैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने इसमें एक ऐसी चीज मिलाई है, जो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाएगी और लोग लंबे समय तक इस महामारी से सुरक्षित रह सकेंगे। टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत बायोटेक कंपनी अपनी कोरोना वैक्सीन में Alhydroxiquim-II नाम का अजुवंट बूस्टर मिला रही है। आइए, जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
खबरों के मुताबिक, भारत बायोटेक कंपनी अपनी कोविड वैक्सीन में Alhydroxiquim-II मिला रही है। यह एक अजुवंट बूस्टर है, जिसे मिलाने से वैक्सीन की क्षमता बढ़ जाती है। ऐसे तैयार वैक्सीन लगने के बाद शरीर में जो एंटीबॉडीज बनेंगी, वह लंबे समय तक इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखेगी।
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कोरोना वैक्सीन
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रिपोर्ट के मुताबिक, ViroVax ने भारत बायोटेक को Alhydroxiquim-II अजुवंट का लाइसेंस दे दिया है। आपको बता दें कि कंपनी द्वारा विकसित की जा रही यह वैक्सीन शुरुआती चरणों के क्लिनिकल ट्रायल में सफल हो चुकी है। जानवरों पर ट्रायल में यह वैक्सीन इम्यून रेस्पॉन्स ट्रिगर करने में कामयाब रही थी। वहीं, ट्रायल के दौरान इंसानों पर भी यह वैक्सीन अच्छा असर दिखा रही है।
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Covaxin वैक्सीन
- फोटो : Social media
टीओआई ने भारत बायोटेक के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्णा एल्ला के हवाले से लिखा है कि अजुवंट के रूप में एल्युमिनियम हाइड्रॉक्साइड का कई कोविड वैक्सीन विकसित करने में इस्तेमाल हुआ है। यह टीएच-2 (Th2) आधारित इम्यून रेस्पांस पैदा करता है, जो एक्स्ट्रासेलुलर पैरासाइट्स और बैक्टीरियल संक्रमण को खत्म करने के लिए जरूरी है। कंपनी ने अजुवंट्स की Imidazoquinoline क्लास का इस्तेमाल किया है।