अच्छी सेहत के लिए खान-पान और दिनचर्या में सुधार को सबसे जरूरी माना जाता है। हम जो कुछ भी खाते हैं, जैसी लाइफस्टाइल है उसकी सेहत पर सीधा असर होता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अपनी दिनचर्या को ठीक रखने की सलाह देते हैं।
Best Flour: डायबिटीज-लिवर रोगों से बचना है? इन दो आटे को बना लीजिए डाइट का हिस्सा, एक्सपर्ट भी मानते हैं फायदे
Kaun Sa Atta Best Hai: गेहूं का आटा भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला अनाज है। हालांकि आजकल हरे कटहल के आटे और क्विनोआ के आटे की भी काफी मांग बढ़ रही है। जानिए इसके क्या-क्या फायदे हैं?
कौन सा आटा सेहत के लिए सबसे अच्छा?
गेहूं और इसका आटा भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला अनाज है, इसमें कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन-बी और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। साबुत गेहूं का आटा पाचन को बेहतर बनाने और ऊर्जा देने में मदद करता है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कुछ अन्य प्रकार के आटे की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, जिसे अध्ययनों में कई प्रकार से लाभकारी पाया गया है।
- पारंपरिक गेहूं के आटे के साथ-साथ आजकल हरे कटहल के आटे और क्विनोआ के आटे को भी लोग काफी इस्तेमाल में ला रहे हैं।
- ये दोनों विकल्प पोषक तत्वों से भरपूर हैं और खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद हैं जो वजन, ब्लड शुगर या पाचन से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
क्विनोआ का आटा सेहत के लिए लाभकारी
आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. नम्रता भट्ट कहती हैं, क्विनोआ के आटे से बनी रोटी, गेहूं की रोटी की तुलना में कहीं अधिक पोषण प्रदान करती है।
- क्विनोआ एक स्वास्थवर्धक बीज है यह कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है इसलिए इसे सुपरफूड माना जाता है।
- इसमें प्रोटीन अमीनो एसिड, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम, मैंगनीज, फोलेट और विटामिन-बी होता है।
- क्विनोआ में मौजूद अमीनो एसिड मांसपेशियों की मरम्मत करने और इसके विकास में अहम भूमिका निभाता है।
- इसमें फाइबर अधिक होता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे आप बार-बार खाने से बच जाते हैं।
इन फायदों को भी जानिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहती हैं, अगर आपको गेहूं से एलर्जी है, तो आप क्विनोआ की रोटी का सेवन कर सकते हैं। यह रोटी सुपाच्य होती है। क्चिनोआ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता है।
- इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और पोटेशियम भी होता है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के साथ बैड कोलेस्ट्रॉल को भी कम करता है।
- क्विनोआ में मौजूद आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और विटामिन-बी एनीमिया को रोकने में मदद करते हैं।
हालांकि क्विनोआ का अधिक सेवन करने से पेट दर्द, गैस, ब्लोटिंग या डायरिया हो सकती है। जिनको किडनी स्टोन, हाई बीपी या एलर्जी है, उन्हें पहले डॉक्टर की सलाह ले लेनी चाहिए।
हरे कटहल का आटा भी अच्छा विकल्प
क्विनोआ के अलावा आप कटहल के आटे को भी आहार में शामिल कर सकते हैं।
- कटहल का आटा मधुमेह रोगियों में प्लाज्मा शर्करा के स्तर को कम करने और ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन (HbA1c) को नियंत्रित करने में काफी कारगर गया था। ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन का बढ़ना, मधुमेह का संकेत माना जाता है।
- अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन सम्मेलन में टाइप-2 डायबिटीज को नियंत्रित करने वाले पेटेंटेड हरे कटहल के आटे पर नैदानिक परीक्षण में इसे फैटी लीवर और मोटापे को रोकने में भी कारगर बताया गया था।