हम सभी वर्षों से सुनते आ रहे हैं कि सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए उचित पोषण की आवश्यकता होती है। आमतौर पर इसके लिए हम कई तरह की पौष्टिकता वाली चीजों को तो सेवन में लाते हैं लेकिन खाने के लिए सही तेल का चयन करना भूल जाते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि खाने के लिए उपयोग किए जाने वाले कई तरह के तेलों में सेहत के लिए नुकसानदायक फैट्स हो सकते हैं। शोध में पाया गया है कि संतृप्त वसा और ट्रांस वसा वाली चीजों का अधिक सेवन सेहत पर हानिकारक प्रभाव डाल सकता है। वहीं मोनोअनसैचुरेटेड वसा, शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने में सहायक होते हैं, जिससे हृदय रोगों का जोखिम कम होता है। इसलिए हमें हमेशा उन तेलों को ही उपयोग में लाना चाहिए जिससे स्वास्थ्य को लाभ मिल सके।
आज का हेल्थ टिप्स: अच्छी सेहत के लिए सही तेलों का चयन जरूरी, ऑलिव ऑयल का सेवन है कई बीमारियों में फायदेमंद
एंटीऑक्सिडेंट्स का खजाना है ऑलिव ऑयल
एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल को काफी पौष्टिक माना जाता है। इसमें लाभकारी फैटी एसिड के अलावा भरपूर मात्रा में विटामिन ई और के, के साथ शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये एंटीऑक्सिडेंट जैविक रूप से सक्रिय होते हैं और क्रोनिक रोगों के जोखिम को कम कर सकते हैं। शरीर से सूजन को कम करने के साथ ब्लड कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में इसे काफी फायदेमंद माना जाता है। एंटीऑक्सिडेंट्स का सेवन कैंसर जैसे गंभीर रोगों के खतरे को कम करने में सहायक माना जाता है।
मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखता है फिट
साल 2013 में किए गए अध्ययन से पता चलता है कि एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करती है, जिससे अवसाद और चिंता जैसी समस्याओं को कम करने में लाभ मिलता है। वैज्ञानिकों ने दो अलग-अलग समूह के लोगों पर किए गए अध्ययन में पाया कि ट्रांस फैट की तुलना में अनसेचुरेटेड फैट वाली चीजों का सेवन करने वालों में अवसाद की आशंका कम होती है। जैतून के तेल अनसेचुरेटेड फैट का अच्छा स्रोत माना जाता है।
लिवर को बनाता है स्वस्थ
खान-पान में गड़बड़ी का सबसे ज्यादा असर लिवर के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। साल 2018 में प्रयोगशाला अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया कि एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल लिवर डैमेज के खतरे को कम करने में सहायक हो सकता है। ऑलिव ऑयल में ओलिक एसिड होता है साथ ही इसके फेनोलिक कंपाउंड लिवर में सूजन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने में सहायक है। इतना ही नहीं यह शरीर में होने वाले उन परिवर्तनों को भी रोकने में मदद करता हैं जिसके परिणामस्वरूप लिवर की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
स्ट्रोक से बचाता है ऑलिव ऑयल
अध्ययनों से पता चलता है कि ऑलिव ऑयल का सेवन करने वाले लोगों में स्ट्रोक होने का खतरा कम होता है। स्ट्रोक, मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह में गड़बड़ी या तो रक्त के थक्के बनने के कारण होता है। विकसित देशों में हृदय रोग के बाद स्ट्रोक मृत्यु का दूसरा सबसे आम कारण है। 841,000 लोगों पर किए गए अध्ययन की एक समीक्षा में पाया गया कि जैतून का तेल मोनोअनसैचुरेटेड वसा का स्रोत है जो स्ट्रोक और हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मददगार है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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