शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए नियमित योग और व्यायाम करना बहुत आवश्यक होता है। सर्वांगासन योग का नियमित अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, सर्वांगासन उन आसनों में से एक है जिससे पूरे शरीर का अभ्यास हो जाता है। यह आपके शरीर के सभी आंतरिक अंगों को मजबूती देने के साथ कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ दे सकता है। सर्वांगासन को शोल्डर पोज के नाम से भी जाना जाता है।
आज का योग: जानिए क्यों सर्वांगासन को माना जाता है सबसे फायदेमंद योग, क्या हैं इसके लाभ?
सर्वांगासन योग कैसे करें?
पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार करने, तमाम तरह की बीमारियों के खतरे को कम करने और रक्त के प्रवाह को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सर्वांगासन योग को विशेष लाभदायक माना जाता है। इस योग को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। अब पैरों 90 डिग्री तक ऊपर की ओर ले जाएं। पांवों को सिर की सीध में रखें। शरीर को इस तरह से सीधा रखें कि ठोड़ी छाती पर आकर लगे। इस अवस्था में कुछ समय रहने के बाद धीरे-धीरे मूल अवस्था में लौटें।
सर्वांगासन योग के लाभ
- कमर और उसके आसपास (जिसे हर्निया भी कहा जाता है) के हिस्सों में होने वाले रोग ठीक किए जा सकते हैं।
- सर्वांगासन का नियमित रूप से अभ्यास शरीर के वजन को कम करने और सही वजन को बनाए रखने में सहायक है।
- महिलाओं में मासिक धर्म संबंधी विकार, बार-बार गर्भपात, प्रदर और बांझपन भी इससे ठीक हो सकता है।
- किडनी के विकार ठीक हो जाते हैं और मूत्राशय भी ठीक से काम करने लगता है।
- इस योग मुद्रा के नियमित अभ्यास से आंखों की रोशनी तेज होती है।
सर्वांगासन योग रक्त को शुद्ध करता है, इसलिए ल्यूकेमिया और इस तरह के अन्य त्वचा रोग आसानी इस योग के अभ्यास से ठीक हो जाते हैं। त्वचा का सिकुड़ना, चेहरे पर झुर्रियां, बूढ़ा दिखना और जकड़न जैसी समस्या के लिए इस योग को लाभदायक माना जाता है, यह त्वचा पर निखार लाने में मदद करता है। अस्थमा, लिवर रोग, आंतों के विकार, कब्ज, मधुमेह, और अनिद्रा जैसी समस्याएं भी इससे ठीक हो जाती है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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