रात में सोते-सोते छोटे बच्चों का बिस्तर गीला करना माता-पिता के लिए अक्सर चिंता का कारण बन जाता है। कई बार बच्चे को डांट भी पड़ती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कम उम्र में नींद के दौरान पेशाब हो जाना यानी बेडवेटिंग काफी आम समस्या है? खासकर जब बच्चा गहरी नींद में हो, तो उसे पेशाब आने का संकेत महसूस नहीं हो पाते और अनजाने में बिस्तर गीला हो जाता है।
गुड न्यूज: छोटे बच्चों की इस समस्या से सभी माता-पिता रहते हैं परेशान, आयुर्वेद ने ढूंढा इलाज
Bedwetting In Children: बच्चों का रात में नींद के दौरान बिस्तर गीला करना यानी बेडवेटिंग काफी आम है। इसके पीछे मूत्राशय का विकास, गहरी नींद, रात में ज्यादा पेशाब बनना और कब्ज जैसे कारण हो सकते हैं। बच्चे को डांटने के बजाय समस्या को समझना जरूरी है।
आयुर्वेद से मिल सकता है आराम
रात में नींद के दौरान बिस्तर पर पेशाब करने की समस्या से परेशान बच्चों के लिए योग और आयुर्वेद का साथ फायदेमंद हो सकता है। जामनगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद के विशेषज्ञों के अध्ययन में आयुर्वेदिक दवा के साथ नियमित योग करने वाले बच्चों में बिस्तर गीला करने की समस्या में करीब 70 फीसदी तक सुधार देखा गया। सिर्फ आयुर्वेदिक दवा लेने वाले बच्चों में यह सुधार करीब 38 फीसदी रहा।
- अध्ययन में 6 से 14 साल के करीब 38 बच्चों को आठ हफ्ते तक देखा गया। बच्चों को दो समूहों में रखा गया था।
- एक समूह को सिर्फ आयुर्वेदिक दवा दी गई। दूसरे को यही दवा देने के साथ सुबह-शाम चार आसान योगासन कराए गए।
- अध्ययन में मेध्य रसायन चूर्ण का इस्तेमाल किया गया।
दवा के साथ योगासन वालों में ज्यादा सुधार
मेध्य रसायन चूर्ण में ब्राह्मी, शंखपुष्पी, मुलेठी और गिलोय शामिल थे। दूसरे समूह के बच्चों ने इसके साथ उत्कटासन, अर्ध-शलभासन, भुजंगासन और शवासन किए। आठ हफ्ते बाद दूसरे समूह में बिस्तर गीला करने की समस्या में करीब 70 फीसदी सुधार दर्ज हुआ। केवल दवा वाले समूह में सुधार करीब 38 फीसदी रहा। अध्ययन में दूसरे फायदे भी सामने आए।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं बच्चों के बिस्तर गीला करने के पीछे कई बार टाइप-1 डायबिटीज और हार्मोन्स से संबंधित समस्याएं भी कारण हो सकती हैं। इसलिए अगर बड़े होने पर भी बच्चे में ये दिक्कतें बनी रहती हैं तो समय रहते इसके कारणों की जांच और इलाज जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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