फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

नया खतरा: अब कोरोना से ठीक हुए मरीजों को हो रही ये गंभीर बीमारी, लक्षणों को न करें नजरअंदाज

Mon, 05 Jul 2021 10:56 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Mon, 05 Jul 2021 10:56 AM IST
विज्ञापन
Avascular necrosis or death of bone tissues cases reported after Covid 19 recovered patients
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

Medically Reviewed by Dr. I.N. Vajpai



डॉ. आईएन वाजपई 

न्यूरो सर्जन
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम.एस (जनरल सर्जरी), एमसीएच (न्यूरो सर्जरी), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल

अनुभव- 45 वर्ष  

कोरोना ने लोगों को काफी परेशान करके रख दिया है। यहां तक कि संक्रमणमुक्त होने के बाद भी मरीज पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो रहे। उन्हें तरह-तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कुछ दिन पहले तक कोरोना से ठीक हुए मरीजों में ब्लैक फंगस के मामले अधिक देखने को मिल रहे थे और अब ऐसे लोगों पर एक नया खतरा मंडराने लगा है, जिसका नाम है एवैस्कुलर नेक्रोसिस। इसे 'डेथ ऑफ बोन' के नाम से भी जाना जाता है। मुंबई में इसके तीन मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि म्यूकरमाइकोसिस के प्रकोप के बाद कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों में यह अगली दुर्बल करने वाली स्थिति हो सकती है। डॉक्टरों को डर है कि अगले कुछ महीनों में एवैस्कुलर नेक्रोसिस के और मामले सामने आ सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर ये नई समस्या है क्या और इसके लक्षण क्या हैं? 

Avascular necrosis or death of bone tissues cases reported after Covid 19 recovered patients
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

इस बीमारी से संबंधित अध्ययन को हाल ही में मेडिकल जर्नल 'बीएमजे केस स्टडीज' में प्रकाशित किया गया है। मुंबई स्थित हिंदुजा अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. संजय अग्रवाल ने एवैस्कुलर नेक्रोसिस को 'लॉन्ग कोविड' का हिस्सा बताया है और कहा कि कोविड-19 के मामलों में 'जीवन रक्षक कॉर्टिकोस्टेरॉयड्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल' के चलते' इसके मामलों में बढ़ोतरी होगी। 

Avascular necrosis or death of bone tissues cases reported after Covid 19 recovered patients
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

क्या है ये बीमारी? 

  • एवैस्कुलर नेक्रोसिस हड्डियों में होने वाली एक गंभीर समस्या है, जिसमें हड्डियों के ऊतक मरने लगते हैं। यानी कहने का मतलब ये है कि इस बीमारी में हड्डियां गलने लगती हैं। इसका कारण ये है कि रक्त प्रवाह में बाधा आती है और ऊतकों तक पर्याप्त मात्रा में खून का नहीं पहुंच पाता है। ऐसे में पोषण की कमी हो जाती है और हड्डियों के ऊतक मरने लगते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Avascular necrosis or death of bone tissues cases reported after Covid 19 recovered patients
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

इस उम्र के लोग सबसे अधिक होते हैं प्रभावित

  • विशेषज्ञ कहते हैं कि एवैस्कुलर नेक्रोसिस की समस्या सबसे अधिक कूल्हे की हड्डी में होती है, जिसकी वजह से जांध की हड्डी का गोल हिस्सा, जो कूल्हे का जोड़ बनता है, वो गलने लगता है। वैसे तो यह समस्या किसी को भी किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन आमतौर पर 30 से 60 साल की उम्र के लोग इससे अधिक प्रभावित और पीड़ित होते हैं। 
विज्ञापन
Avascular necrosis or death of bone tissues cases reported after Covid 19 recovered patients
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

एवैस्कुलर नेक्रोसिस के लक्षण क्या हैं? 

  • जांघ और कूल्हे की हड्डियों में भयंकर दर्द 
  • चलने में लचक होना 
  • सोते जागते लगातार दर्द का बने रहना 
  • कंधे, घुटने, हाथ और पैरों में भी दर्द 
  • लक्षण दिखने पर या जोड़ों में लगातार दर्द रहने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें 

स्रोत और संदर्भ:  
Avascular necrosis as a part of ‘long COVID-19’ 
https://casereports.bmj.com/content/bmjcr/14/7/e242101.full.pdf 

नोट: डॉ. आईएन वाजपई अत्यधिक योग्य और अनुभवी न्यूरो सर्जन हैं। इन्होंने लखनऊ के केजीएमसी से अपना एमबीबीएस किया है। इसके बाद इन्होंने जनरल सर्जरी में एमएस किया और न्यूरो सर्जरी में एमसीएच की पढ़ाई की है। इन्होंने 1996 में कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम किया और 2012 में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के रूप में रिटायर हुए। डॉक्टर आईएन वाजपाई आईएमए एंड न्यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉक्टर वाजपई को 45 वर्षों का अनुभव है। 

अस्वीकरण नोट: यह लेख मेडिकल जर्नल 'बीएमजे केस स्टडीज' में प्रकाशित रिपोर्ट और डॉक्टर आईएन वाजपई से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।   

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed