आज वर्ल्ड ऑटिज्म अवेयरनेस डे है, बच्चों में मस्तिष्क के विकास से संबंधित एक गंभीर समस्या जिसका असर जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। हालांकि अगर समय रहते बच्चों में इसके लक्षणों की पहचान और उपचार कर लिया जाए तो उनमें काफी हद तक सुधार आने की संभावना हो सकती है।
Autism Awareness Day: बच्चों में ऐसे लक्षणों की पहचान जरूरी, यह विकार जीवन की गुणवत्ता को करता है प्रभावित
क्या होता है ऑटिज्म?
ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एएसडी) मस्तिष्क के विकास से संबंधित समस्या है जो इस बात को प्रभावित करती है कि एक व्यक्ति दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करता है। इसके शिकार लोगों में सामाजिक संपर्क और बातचीत के कौशल में समस्याएं होने लगती हैं। इस विकार के कारण व्यवहार और दैनिक जीवन के सामान्य कार्यों को करने तक में कठिनाई होने लगती है।
एएसडी के लक्षण बचपन में दिखने लगते हैं। अक्सर बच्चों में जन्म के पहले साल में ही ऑटिज्म के लक्षणों की पहचान की जा सकती है। 18-24 महीने की उम्र तक यह बढ़ी हुई समस्याओं के रूप में नजर आने लगती है।
बच्चों में क्या दिक्कतें हो सकती हैं?
कुछ बच्चों में जन्म के पहले वर्ष में ही इसके स्पष्ट लक्षण नजर आने लगता है जैसे बच्चों का आई कॉन्टैक्ट कम होना, नाम सुनने पर प्रतिक्रिया की कमी, बार-बार किसी बात को रटने रहना, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होना आदि।
ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार वाले कुछ बच्चों को सीखने में कठिनाई होती है और कुछ में सामान्य से कम बुद्धि के लक्षण होते हैं। वहीं इस विकार वाले अन्य बच्चों में सामान्य से उच्च बुद्धि भी हो सकती है। वे जल्दी से सीखते हैं, फिर भी रोजमर्रा की जिंदगी में जो जानते हैं उसे संप्रेषित करने और प्रयोग करने में परेशानी हो सकती है।
व्यवहार की समस्याएं
ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से पीड़ित बच्चे या वयस्क के व्यवहार, रुचियों या दैनिक जीवन की गतिविधियों में कई प्रकार के पैटर्न देखे जा सकते हैं।
- ऐसे कार्य करना जो स्वयं को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जैसे काटना या सिर पीटना।
- दिनचर्या के एक खास रूटीन में रमा होना और थोड़े से बदलाव पर परेशान हो जाना।
- समन्वय के साथ समस्याएं जैसे पैर की उंगलियों पर चलना शरीर का बैंलेस बनाने में दिक्कत होना।
- प्रकाश, ध्वनि या स्पर्श के प्रति असामान्य रूप से संवेदनशील होना।
- भाषा या सामाजिक कौशल में कठिनाई होना।
समय पर लें डॉक्टरी मदद
जन्म के पहले-दूसरे साल में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार के लक्षण दिखने लग जाते हैं। यदि आप अपने बच्चे के विकास (शारीरिक-मानसिक) के बारे में चिंतित हैं या आपको संदेह है कि आपके बच्चे को ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर हो सकता है, तो शीर्घ डॉक्टर से चर्चा करें। वैसे तो ऑटिज्म के लिए कोई खास उपचार नहीं है पर थेरेपी और अन्य उपायों के माध्यम से लक्षणों में सुधार करके जीवन की गुणवत्ता को सुधारा जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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