भारत में आयुर्वेदिक चिकित्सा का समृद्ध इतिहास रहा है। सदियों से कई प्रकार की जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल तमाम प्रकार की बीमारियों के इलाज के रूप में किया जाता रहा है। समय के साथ मेडिकल साइंस ने भी कई औषधियों के प्रभावी गुणों की पुष्टि की है।
Brain Power: दिमाग की ताकत बढ़ाने में कारगर हो सकती है ये औषधि, आयुर्वेद और मेडिकल साइंस दोनों ने की पुष्टि
जर्नल न्यूट्रिएंट्स में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि अश्वगंधा सप्लीमेंट्स दिमाग की शक्ति को बढ़ा सकते हैं। खास बात यह है कि दावा किया जा रहा है कि सप्लीमेंट लेने के एक घंटे बाद ही इसके लाभ दिख सकते हैं।
अश्वगंधा ब्रेन हेल्थ के लिए फायदेमंद
अश्वगंधा एक जड़ी-बूटी है जिसका इस्तेमाल आम तौर पर आयुर्वेदिक दवा के रूप में किया जाता है।
जर्नल न्यूट्रिएंट्स में प्रकाशित हालिया अध्ययन से पता चला है कि अश्वगंधा सप्लीमेंट्स दिमाग की शक्ति को बढ़ा सकते हैं। खास बात यह है कि दावा किया जा रहा है कि सप्लीमेंट लेने के एक घंटे बाद ही इसके लाभ दिख सकते हैं।
शोधकर्ताओं ने 59 स्वस्थ युवा वयस्कों के दो समूहों पर यह प्रयोग किया, जिनकी औसत आयु 23 वर्ष थी। एक महीने के दौरान, उन्हें प्रतिदिन अश्वगंधा की 225 मिलीग्राम खुराक दी गई, जबकि दूसरे समूह ने प्लेसबो दिया गया। प्रतिभागियों को यह नहीं पता था कि वे कौन सा सप्लीमेंट ले रहे हैं, अश्वगंधा या प्लेसबो।
अध्ययन में क्या पता चला?
अध्ययन के निष्कर्ष में विशेषज्ञों ने बताया कि जिस समूह ने अश्वगंधा का सेवन किया उनके मस्तिष्क की कार्यक्षमता में काफी बेहतर सुधार था।
शोधकर्ताओं ने कहा, भले ही इस अध्ययन का सैंपल साइज छोटा है लेकिन इसके परिणाम आशाजनक हैं। खासकर हम इस बात को लेकर काफी उत्साह हैं कि शुरुआती खुराक के तुरंत बाद तनाव और थकान से लोगों को राहत महसूस होने लगी। यह तनाव प्रबंधन के लिए भविष्य के उपचारों के लिए रास्ता खोलती है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें तत्काल राहत की आवश्यकता होती है।
अश्वगंधा के और भी कई लाभ
इससे पहले के अध्ययनों में भी अश्वगंधा के सेवन को कई प्रकार से लाभकारी पाया गया था।
अश्वगंधा के संभावित लाभों में एथलेटिक प्रदर्शन और नींद में सुधार के परिणाम मिलते हैं। कुछ शोध बताते हैं कि यह जड़ी-बूटी स्ट्रेस और बांझपन जैसी स्थितियों से पीड़ित लोगों की भी मदद कर सकती है, लेकिन इस पर और अधिक गहन अध्ययन की आवश्यकता है। कुछ शोध डायबिटीज-ब्लड प्रेशर को कम करने में भी इसे प्रभावी मानते हैं।
पहले के कुछ अध्ययनों में भी अश्वगंधा को स्ट्रेस और एंग्जाइटी को कम करने वाला पाया गया था। इसे एडाप्टोजेन के रूप में वर्गीकृत किया गया है, एक ऐसा पदार्थ जो शरीर को तनाव से निपटने में मदद करता है। इस नए शोध ने इन दावों को और भी पुष्ट कर दिया है। हालांकि किसी भी औषधि का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए, कुछ स्थितियों में इसके दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।
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स्रोत और संदर्भ
Acute and Repeated Ashwagandha Supplementation Improves Markers of Cognitive Function and Mood
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