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बड़ी कामयाबी: स्मार्टफोन की मदद से लगा सकेंगे 50 से अधिक त्वचा रोगों का पता, त्वचा-मुंह के कैंसर की पहचान भी होगी आसान

Sat, 28 May 2022 05:21 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ टिप्स, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ टिप्स, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sat, 28 May 2022 05:21 PM IST
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artificial intelligence-driven smartphone app DermaAId to diagnose skin diseases and cancer
मोबाइल ऐप से त्वचा रोगों का चलेगा पता - फोटो : istock

दुनियाभर में होने वाली कुल मौतों में से करीब 2 फीसदी, त्वचा रोगों से संबंधित होती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है यदि समय रहते इन समस्याओं की पहचान कर ली जाए तो इसकी गंभीरता और जानलेवा स्थितियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। हालांकि भारत में अधिकतर मामलों में समय रहते त्वचा संबंधी समस्याओं का निदान नहीं हो पाता है जिसके कारण यह समस्या बढ़ जाती है।



इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने एक ऐसा मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया है जिसकी मदद से त्वचा संबंधी बीमारियों, यहां तक कि ओरल-स्किन कैंसर का भी आसानी से निदान किया जा सकेगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इस मोबाइल ऐप को एम्स-दिल्ली और स्टार्ट-अप न्यूरिथम लैब ने मिलकर विकसित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस ऐप की मदद से त्वचा रोगों की समय रहते पहचान करके इसके इलाज में मदद मिल सकेगी। विशेषज्ञों का दावा है कि चिकित्सकों के लिए यह एप्लीकेशन, त्वचा की स्थिति को आसानी से समझने में काफी सहायक हो सकती है। आइए इस ऐप के बारे मे विस्तार से जानते हैं।

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एम्स ने लॉन्च किया डर्माएड ऐप - फोटो : istock

डर्माएड ऐप से निदान होगा आसान

विशेषज्ञों ने बताया- डर्माएड नामक यह ऐप, मशीन-लर्निंग एआई-संचालित एल्गोरिदम का उपयोग करके त्वचा की समस्याओं की पहचान कर सकती है। त्वचा और मुंह के कैंसर सहित त्वचा संबंधी कई रोगों का इससे आसानी से पता लगाया जा सकेगा।

एम्स में वेनेरोलॉजी और त्वचाविज्ञान विभाग में प्रोफेसर डॉ सोमेश गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक अध्ययनों में इसकी सटीकता 80 फीसदी तक देखी गई है। त्वचा रोगों के निदान में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

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त्वचा की समस्याओं का लगेगा पता - फोटो : iStock

कैसे काम करेगी ऐप?

मोबाइल ऐप के बारे में साझा की गई जानकारियों के मुताबिक इसका उपयोग काफी सरल और प्रभावी हो सकता है। त्वचा की स्थिति और बीमारियों के बारे में जानने के लिए डॉक्टर को, मरीज के शरीर पर घावों या त्वचा विकारों की तस्वीर लेकर उसे क्लाउड सर्वर पर अपलोड करना होगा। अपलोड करने के 15-30 सेकंड के भीतर यह ऐप मशीन विश्लेषण आधारित तस्वीरें प्रदान करेगा जिसके आधार पर समस्या की पहचान की जा सकेगी।

फंगल संक्रमण से लेकर एक्जिमा और त्वचा के कैंसर तक की समस्याओं का इस ऐप की मदद से आसानी से पता लगाया जा सकेगा।

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स्किन कैंसर का भी चल सकेगा पता - फोटो : Pixabay

50 से अधिक त्वचा रोगों की हो सकेगी पहचान

डर्माएड ऐप के बारे में बताते हुए डॉ सोमेश गुप्ता कहते हैं, अब तक यह ऐप 50 से अधिक त्वचा रोगों की आसानी से पहचान कर सकती है। इस साल के अंत तक इसमें अपडेशन करके बीमारियों के पहचान की क्षमता को बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

डॉ गुप्ता कहते हैं, यह ऐप मुँहासे, सोरायसिस, विटिलिगो, टिनिया, एक्जिमा, बेसल सेल कार्सिनोमा, स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा, सहित मेलेनोमा जैसे कैंसर की लगभग 80 प्रतिशत सटीकता के साथ पहचान करने में कारगर पाया गया है।

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मोबाइल से चलेगा स्किन रोगों का पता - फोटो : Pixabay

ऐप से आसान होगा रोग का निदान

डॉ सोमेश कहते हैं देश में त्वचा रोग विशेषज्ञों की कमी है, साथ ही छोटे शहरों में विशेषज्ञों की आसानी से पहुंच न हो पाने के कारण लोगों के लिए त्वचा रोगों की पहचान कर पाना थोड़ा कठिन हो जाता है। ऐसी स्थिति में इस ऐप को बड़े कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है।

खासकर ग्रामीण भारत, जहां त्वचा विशेषज्ञ आसानी से उपलब्ध नहीं होते हैं, वहां पर यह ऐप लोगों की बड़ी मुश्किलों का आसानी से निदान करने में मदद करेगी। मुंह के कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं, यह ऐप इन समस्याओं की भी आसानी से पहचान कर स्थिति के बारे में स्पष्ट करने में मदद करेगी।

 

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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