दुनियाभर में होने वाली कुल मौतों में से करीब 2 फीसदी, त्वचा रोगों से संबंधित होती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है यदि समय रहते इन समस्याओं की पहचान कर ली जाए तो इसकी गंभीरता और जानलेवा स्थितियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। हालांकि भारत में अधिकतर मामलों में समय रहते त्वचा संबंधी समस्याओं का निदान नहीं हो पाता है जिसके कारण यह समस्या बढ़ जाती है।
बड़ी कामयाबी: स्मार्टफोन की मदद से लगा सकेंगे 50 से अधिक त्वचा रोगों का पता, त्वचा-मुंह के कैंसर की पहचान भी होगी आसान
डर्माएड ऐप से निदान होगा आसान
विशेषज्ञों ने बताया- डर्माएड नामक यह ऐप, मशीन-लर्निंग एआई-संचालित एल्गोरिदम का उपयोग करके त्वचा की समस्याओं की पहचान कर सकती है। त्वचा और मुंह के कैंसर सहित त्वचा संबंधी कई रोगों का इससे आसानी से पता लगाया जा सकेगा।
एम्स में वेनेरोलॉजी और त्वचाविज्ञान विभाग में प्रोफेसर डॉ सोमेश गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक अध्ययनों में इसकी सटीकता 80 फीसदी तक देखी गई है। त्वचा रोगों के निदान में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
कैसे काम करेगी ऐप?
मोबाइल ऐप के बारे में साझा की गई जानकारियों के मुताबिक इसका उपयोग काफी सरल और प्रभावी हो सकता है। त्वचा की स्थिति और बीमारियों के बारे में जानने के लिए डॉक्टर को, मरीज के शरीर पर घावों या त्वचा विकारों की तस्वीर लेकर उसे क्लाउड सर्वर पर अपलोड करना होगा। अपलोड करने के 15-30 सेकंड के भीतर यह ऐप मशीन विश्लेषण आधारित तस्वीरें प्रदान करेगा जिसके आधार पर समस्या की पहचान की जा सकेगी।
फंगल संक्रमण से लेकर एक्जिमा और त्वचा के कैंसर तक की समस्याओं का इस ऐप की मदद से आसानी से पता लगाया जा सकेगा।
50 से अधिक त्वचा रोगों की हो सकेगी पहचान
डर्माएड ऐप के बारे में बताते हुए डॉ सोमेश गुप्ता कहते हैं, अब तक यह ऐप 50 से अधिक त्वचा रोगों की आसानी से पहचान कर सकती है। इस साल के अंत तक इसमें अपडेशन करके बीमारियों के पहचान की क्षमता को बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
डॉ गुप्ता कहते हैं, यह ऐप मुँहासे, सोरायसिस, विटिलिगो, टिनिया, एक्जिमा, बेसल सेल कार्सिनोमा, स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा, सहित मेलेनोमा जैसे कैंसर की लगभग 80 प्रतिशत सटीकता के साथ पहचान करने में कारगर पाया गया है।
ऐप से आसान होगा रोग का निदान
डॉ सोमेश कहते हैं देश में त्वचा रोग विशेषज्ञों की कमी है, साथ ही छोटे शहरों में विशेषज्ञों की आसानी से पहुंच न हो पाने के कारण लोगों के लिए त्वचा रोगों की पहचान कर पाना थोड़ा कठिन हो जाता है। ऐसी स्थिति में इस ऐप को बड़े कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है।
खासकर ग्रामीण भारत, जहां त्वचा विशेषज्ञ आसानी से उपलब्ध नहीं होते हैं, वहां पर यह ऐप लोगों की बड़ी मुश्किलों का आसानी से निदान करने में मदद करेगी। मुंह के कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं, यह ऐप इन समस्याओं की भी आसानी से पहचान कर स्थिति के बारे में स्पष्ट करने में मदद करेगी।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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