कई अध्ययनों से स्पष्ट हो चुका है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कई तरह के पोषक तत्वों की कमी होने का खतरा अधिक हो सकता है। आयरन की कमी या एनीमिया, ऐसी ही एक समस्या है जिससे दुनियाभर की लाखों महिलाएं प्रभावित हैं। मासिक धर्म वाले समूह से संबंधित महिलाओं में इसका जोखिम अधिक माना जा सकता है। भारत के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2019 में लगभग 68.4 प्रतिशत बच्चों और 66.4 प्रतिशत महिलाओं को एनीमिया का शिकार पाया गया। शरीर में आयरन की कमी कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती है।
रोचक: अब स्मार्टफोन से घर पर ही जान सकेंगे, आपको एनीमिया है या नहीं? ब्लड सैंपल की जरूरत नहीं
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स्मार्टफोन का उपयोग करके एनीमिया का निदान
'प्लस वन' नामक जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने स्मार्टफोन का उपयोग करके एनीमिया के लक्षणों का पता लगाने वाली तकनीक के बारे में बताया है। वैज्ञानिक का कहना है कि व्यक्ति की निचली पलक की तस्वीर लेकर 72 प्रतिशत सटीकता के साथ एनीमिया का अनुमान लगाया जा सकता है। शोधकर्ताओं का दावा है कि इस नई तकनीक के माध्यम से आसानी से एनीमिया का निदान हो सकता है। परीक्षण का आसानी से परिणाम प्राप्त करके लोग आसानी से दवाइयां शुरू कर सकते हैं।
अध्ययन के दौरान क्या पता चला?
स्मार्टफोन का उपयोग करके एनीमिया का पता लगाने के लिए वैज्ञानिकों ने दो चरणों का अध्ययन करके निष्कर्ष प्राप्त किया। पहले चरण के अध्ययन के दौरान स्मार्टफोन की मदद से आपातकालीन विभाग के 142 रोगियों की निचली पलकों की फोटो ली गई। आंख के इस हिस्से का फोटो खींचना आसान होता है और इससे रंग का अंतर भी आसानी से किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आंख के इस हिस्से में रक्त प्रवाह प्रभावित नहीं होता है, इससे इस हिस्से की तस्वीर का उपयोग करके समस्या का आसानी से निदान किया जा सकता है।
अध्ययन के दूसरे चरण के दौरान स्मार्टफोन की तस्वीरों का एल्गोरिदम आधारित परीक्षण किया पाया, इसमें 72.6 फीसदी लोगों को एनीमिया से ग्रसित पाया गया। वैज्ञानिकों ने पाया कि इस माध्यम से 86 से लेकर 94.4 प्रतिशत तक सटीकता से एनीमिया का पता लगाया जा सकता है।
एल्गोरिदम आधारित परीक्षण
शोधकर्ताओं ने स्मार्टफोन से ली गई तस्वीरों की जांच के बाद एक एल्गोरिदम तैयार किया। तैयार किए गए एल्गोरिदम के माध्यम से कलर रिज़ॉल्यूशन को मैक्सीमाइज करके हीमोग्लोबिन के स्तर के आधार पर इस स्थिति का पता लगाया जा सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तकनीक का उपयोग करके एनीमिया का निदान करना काफी आसान है और तुरंत परिणाम प्राप्त किया जा सकता है। केवल एक चीज जो परिणाम पर प्रभाव डाल सकती है, वह है तस्वीर की गुणवत्ता, इस बात का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। अध्ययन के लेखकों के अनुसार, एनीमिया की पहचान करने में सक्षम एक सस्ते, सुलभ और गैर-इनवेसिव पॉइंट-ऑफ-केयर टूल की आवश्यकता है, जिस लोगों को उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इससे पहले हुए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने स्मार्टफोन टूल की मदद से बिना रक्त के नमूने लिए हेमोग्लोबिन के स्तर मापने वाली तकनीक विकसित की थी। ऑप्टिका जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार इस तकनीक की मदद से हेमोग्लोबिन की कमी का बिन लैब में गए ही पता लगाया जा सकता है। अमेरिका के प्रूड्यू यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता यंग किम ने बताया कि हमारा नया मोबाइल टूल एनीमिया, किडनी की दिक्कत और रक्तस्राव का पता लगाने के लिए या सिकल सेल एनीमिया जैसे रक्त विकारों के आकलन आसानी से कर सकता है।
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स्रोत और संदर्भ:
Prediction of anemia and estimation of hemoglobin concentration using a smartphone camera
अस्वीकरण नोट: यह लेख 'प्लस वन' नामक जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। संबंधित विषय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें।