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UNAIDS: 2029 तक लाखों लोगों की एड्स से हो सकती है मौत, संयुक्त राष्ट्र चिंतित; जानिए क्यों बढ़ गया है खतरा

Thu, 10 Jul 2025 10:01 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 10 Jul 2025 10:01 PM IST
सार

  • संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि अगर एचआईवी कार्यक्रमों के लिए अमेरिकी धन की भरपाई नहीं की गई, तो 2029 तक लाखों और लोग मौत का शिकार हो सकते हैं।

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American-led investment into AIDS program fund cut will cause millions more to die by 2029
एचआईवी और इसके कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : Freepik.com

इस साल की शुरुआत में एचआईवी/एड्स के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब संयुक्त राज्य अमेरिका ने एचआईवी रोकथाम और उपचार कार्यक्रमों के लिए विदेशी सहायता निधि रोकने का फैसला किया था। इस कदम ने अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य समुदाय में खलबली मचा दी है, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा अगर इस दिशा में जल्द फिर से विचार न किया गया तो इस महामारी के फिर से उभरने की आशंका हो सकती है।



इस विषय पर अब संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि अगर एचआईवी कार्यक्रमों के लिए अमेरिकी धनराशि की भरपाई नहीं की गई, तो 2029 तक लाखों और लोग मौत का शिकार हो सकते हैं।

पिछले छह महीनों में, अमेरिका के एक फैसले ने स्वास्थ्य को व्यवस्थागत झटका दे दिया था, जिसको लेकर संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने चेतावनी दी है। उन्होंने आगे कहा कि अगर इस धन की भरपाई नहीं की गई, तो विशेषज्ञों ने कहा साल 2029 तक 40 लाख से ज्यादा एड्स से संबंधित मौतें और 60 लाख से ज्यादा एचआईवी संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं।

American-led investment into AIDS program fund cut will cause millions more to die by 2029
धन की कमी से प्रभावित हो सकती है एड्स रोकथाम की सेवाएं - फोटो : freepik.com

अमेरिका के एक फैसले ने बिगाड़ दी व्यवस्था

यूएनएड्स ने गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा, धन की कमी ने आपूर्ति श्रृंखलाओं को पहले ही अस्थिर कर दिया है, स्वास्थ्य सुविधाएं बंद कर दी हैं, हजारों स्वास्थ्य क्लीनिक बिना कर्मचारियों के रह गए हैं, रोकथाम कार्यक्रमों में बाधा आई है, एचआईवी परीक्षण के प्रयास बाधित हुए हैं और कई सामुदायिक संगठनों को अपनी एचआईवी गतिविधियों को कम करने या रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा है। ये गंभीर चिंता का विषय है। 

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एचआईवी संक्रमण - फोटो : Freepik.com

दशकों से हो रही प्रगति पर फिर जाएग पानी

यूएनएड्स ने यह भी कहा कि उसे डर है कि अन्य प्रमुख दानदाता भी अपना सहयोग कम कर सकते हैं, जिससे दुनियाभर में एड्स के खिलाफ दशकों से हो रही प्रगति पर पानी फिर सकता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने 2025 तक वैश्विक एचआईवी रिस्पॉस के लिए जो 4 बिलियन डॉलर का वादा किया था। ये जनवरी में लगभग रातों रात गायब हो गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सभी विदेशी सहायता को निलंबित करने का आदेश दिया और बाद में अमेरिकी एआईडी एजेंसी को बंद करने का फैसला किया था।

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एचआईवी संक्रमण के जोखिमों को लेकर अलर्ट - फोटो : Adobe Stock

विशेषज्ञों ने जताई चिंता

यूएस स्थित लिवरपूल विश्वविद्यालय में एचआईवी विशेषज्ञ एंड्रयू हिल ने कहा वैसे तो ट्रम्प को अमेरिकी धन को अपनी इच्छानुसार खर्च करने का अधिकार है, हालांकि कोई भी जिम्मेदार सरकार पहले से चेतावनी दे देती है ताकि देश योजना बना सके, बजाय इसके कि रातोंरात क्लीनिक बंद होने पर मरीजो को फंसा दिया जाए।

2003 में शुरू कई गई थी योजना

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति की एड्स राहत आपातकालीन योजना या PEPFAR सन 2003 में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश द्वारा शुरू की गई थी, जो किसी भी देश द्वारा किसी एक बीमारी पर केंद्रित अब तक की सबसे बड़ी प्रतिबद्धता थी।

यूएनएड्स के अनुमान के अनुसार, 2024 में दुनियाभर में एड्स से संबंधित लगभग 6.30 लाख मौतें हुईं। अमेरिकी वित्त पोषण में कटौती के बाद विशेषज्ञों को आशंका है कि आने वाले दिनों में एचआईवी-एड्स के मामले और मौतों में फिर से वृद्धि हो सकती है।





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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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