कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान वायरस में म्यूटेशन और नए स्ट्रेनों के कारण लोगों को तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एक समय इलाज के लिए अपर्याप्त मालूम पड़ रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच आयुर्वेद जैसी वैकल्पिक उपचार पद्धतियों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक यह चिकित्सा पद्धति न सिर्फ कोरोना के खिलाफ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक है, साथ ही कोरोना के रोगियों के लक्षणों को भी इससे काफी हद तक कम किया जा सकता है।
आयुष मंत्रालय संग अमर उजाला की पहल: जानिए कोरोना जैसी महामारी में कितना कारगर है आयुर्वेद?
स्वस्थ जीवन के लिए चुनें आयुर्वेद
डॉ तनुजा बताती हैं कि आयुर्वेद स्वस्थ और सुखमय जीवन जीने की कला है। अगर आयुर्वेद को हम सभी अपने जीवन का हिस्सा बना लें तो कोरोना जैसी महामारी में भी स्वस्थ रहना कोई कठिन काम नहीं है। कोरोना के साथ भी और कोरोना के बाद भी स्वस्थ जीवन जीने के लिए आयुर्वेद में बताई गई दिनचर्या का सभी लोगों को निरंतर पालन करते रहना चाहिए। इसी क्रम में कोरोना महामारी का पता लगते ही आयुष मंत्रालय ने सभी लोगों के लिए घर पर देखभाल के उपायों से संबंधित विस्तृत गाइडलाइंस जारी कर दी थी।
डॉ तनुजा कहती हैं कि आपका स्वास्थ्य, आपकी जिम्मेदारी है। इसका कैसे ख्याल रखना है, इसे कैसे स्वस्थ रखना है इस बारे में सभी लोगों के निरंतर प्रयत्न करते रहना चाहिए। आयुर्वेद में सुबह से लेकर शाम तक की दिनचर्या के बारे में विस्तार से बताया गया है। कोरोना की इन विपरीत परिस्थितियों ने लोगों को स्पष्ट रूप से समझा दिया है कि यदि आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है तो इस तरह के संक्रमण का शरीर पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता है।
कोरोना में फायदेमंद औषधियां
डॉ तनुजा बताती हैं कि आयुर्वेद में कई ऐसी औषधियां हैं जो स्वाद में तो कड़वी होती हैं लेकिन कोरोना के उपचार में काफी कारगर साबित हो सकती हैं। तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, नीम, मुलेठी जैसी औषधियां न सिर्फ इम्यूनिटी को बढ़ाने में सहायक हैं, साथ ही इनमें मौजूद एंटीवायरल गुण संक्रमण को कम करने में भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कोरोना की दवा
डॉ तनुजा बताती हैं कि कोरोना जैसी महामारी में औषधियों का उपयोग कितना फायदेमंद हो सकता है, इस बारे में जानने के लिए कई अनुसंधान किए गए। इसके आधार पर वैज्ञानिकों ने आयुष-64 दवा लोगों को उपलब्ध कराई। इस दवा को कोरोना के हल्के लक्षणों में काफी कारगर पाया गया है। इसके अलावा कई तरह के काढ़ों का सेवन भी कोरोना के लक्षणों को कम करने के साथ रोगियों को आराम दिलाने में कारगर पाया गया है।
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नोट: यह लेख अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की निदेशक, डॉ तनुजा नेसरी से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। ।
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