मस्तिष्क हमारे पूरे शरीर को नियंत्रित करता है। खाने-पीने की इच्छा से लेकर, चलने-उठने, सोने-जागने सहित संपूर्ण कार्यों के लिए मस्तिष्क का स्वस्थ रहना और ठीक तरीके से काम करते रहना जरूरी है। पर क्या आप जानते हैं कि हमारी कुछ गड़बड़ आदतों के कारण मस्तिष्क को गंभीर रूप से क्षति पहुंच रही है? इतना ही नहीं कुछ लोगों में इसके कारण मस्तिष्क का आकार भी छोटा होता जा रहा है।
Health Alert: आपकी इस एक गड़बड़ आदत के कारण सिकुड़ सकता है दिमाग, सोचने-समझने की खो सकते हैं ताकत
शराब के कारण होने वाली दिक्कतें
वेबएमडी की एक रिपोर्ट के मुताबिक शराब आपके शरीर को अलग-अलग तरीकों से प्रभावित कर सकती है। डब्ल्यूएचओ कहता है कि किसी भी मात्रा में शराब के सेवन को उचित नहीं माना जा सकता है क्योंकि सभी के शरीर पर इसका अलग-अलग तरीके से असर होता है। लंबे समय तक शराब पीने से आपको हृदय रोग या लिवर की क्षति जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
इसके अलावा आपके मस्तिष्क के लिए भी शराब बहुत हानिकारक है। शराब के कारण मस्तिष्क के आकार में होने वाले बदलाव के चलते आपके सोचने-समझने और कार्य करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
मस्तिष्क की कोशिकाओं में हो सकता है बदलाव
अगर आप लंबे समय तक अधिक मात्रा में शराब पीते हैं, तो इसके कारण धीरे-धीरे मस्तिष्क की कोशिकाओं में बदलाव आने लगता है। मस्तिष्क के आकार में परिवर्तन या इसके सिकुड़ने के कारण आपकी सोचने, सीखने और चीजों को याद रखने की क्षमता पर बहुत बुरा असर पड़ता है। इससे शरीर का तापमान स्थिर रखना और अपनी शारीरिक इच्छाओं पर नियंत्रण रखना भी मुश्किल हो सकता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
पेन मेडिसिन में प्रोफेसर डॉ. डैनियल एटकिन्सन कहते हैं, मध्यम मात्रा में भी शराब का सेवन हिप्पोकैम्पस के आकार को छोटा कर सकता है। मस्तिष्क का ये हिस्सा चीजों को सीखने और याददाश्त को ठीक बनाए रखने के लिए जरूरी माना जाता है। हिप्पोकैम्पस मस्तिष्क का एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें एक अनूठी और नाजुक संरचना होती है। यहां न्यूरोजेनेसिस के माध्यम से लगातार नए न्यूरॉन्स बनते रहते हैं।
यही कारण है कि शराब पीने के बाद आपमें कुछ याद रखने, सोचने-निर्णय लेने की क्षमता काफी कम हो जाती है।
नींद भी हो सकती है बाधित
शराब का एक दुष्प्रभाव ये भी है कि इसके कारण आपकी नींद भी बाधित हो जाती है। रात में अच्छी नींद न ले पाने के कारण भी मस्तिष्क में रासायनिक असंतुलन होने का खतरा हो सकता है। वहीं अगर आप अक्सर ही अपनी नींद नहीं पूरी कर पाते हैं तो इसका दीर्घकालिक रूप से भी से सेहत पर असर हो सकता है।
डॉ. डैनियल कहते हैं, शराब के कारण होने वाले दुष्प्रभावों को सिर्फ लिवर और पाचन तक ही सीमित करके न देखें। ये संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
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स्रोत और संदर्भ
Non-abstinent recovery in alcohol use disorder is associated with greater regional cortical volumes than heavy drinking
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