आयुर्वेद सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों में से एक है। इसमें कई ऐसी औषधियों और जड़ी- बूटियों का जिक्र मिलता है जिनका सेवन करना सेहत के लिए अद्भुत फायदेमंद हो सकता है। ऐसी ही कई औषधियों का हम रोजाना भोजन में उपयोग करते हैं, जिनके अविश्वसनीय लाभ हो सकते हैं। अजवाइयन ऐसी ही एक चमत्कारी औषधि है, जिसका सेवन करना कई तरीके से सेहत के लिए लाभदायक हो सकता है। जीरे के समान दिखने वाली यह औषधि पेट के लिए विशेष लाभकारी मानी जाती है।
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हृदय रोगियों के लिए फायदेमंद
अध्ययनों से पता चलता है कि अजवायन के बीज का सेवन करना हृदय रोग के खतरे को कम करने में काफी लाभदायक हो सकता है। पशुओं पर किए गए अध्ययन से पता चलता है कि अजवायन के बीज कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम कर सकते हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड का स्तर हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा देता है। इसी तरह, चूहों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि अजवाइन के बीज का अर्क कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और एलडीएल (बैड) कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में प्रभावी हो सकता है।
ब्लड प्रेशर रहता है कंट्रोल
हाई ब्लड प्रेशर के कारण हृदय रोग और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है। शोध से पता चलता है कि अजवाइन के बीजों को थाइमोल का समृद्ध स्रोत माना जाता है। थाइमोल, कैल्शियम चैनल ब्लाकर प्रभावों के लिए जाना जाता है जो रक्तचाप के स्तर को कम करने में मदद करता है। अध्ययनों से पता चलता है कि अजवाइन के बीज का अर्क चूहों में रक्तचाप के स्तर को कम देता है। ब्लड प्रेशर की समस्या को नियंत्रित करने के लिए भी अजवाइन के बीज का सेवन लाभदायक हो सकता है।
पाचन संबंधी समस्याओं में लाभदायक
अजवाइन के बीज आमतौर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा में पाचन संबंधी समस्याओं के घरेलू उपचार के रूप में उपयोग किए जाते रहे हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि इस बीज का अर्क पेप्टिक अल्सर को कम करने में सहायक है। दो सप्ताह तक चूहों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि अजवाइन बीज का अर्क इबुप्रोफेन के कारण होने वाले पेट के अल्सर में सुधार कर सकता है। चूहों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि अजवाइन के बीच भोजन के पाचन को सुधारने के साथ अपच की समस्या को दूर करने में फायदेमंद हो सकता है।
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