भारत में कोरोना वायरस से हर दिन काफी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं। हालांकि, काफी लोग इस वायरस को मात देकर घर भी लौट रहे हैं, लेकिन ये वायरस काफी मासूम लोगों की जान भी ले रहा है। ये वायरस खुद काफी तेजी से बदल रहा है, जिसकी वजह से ये समस्या खड़ी हो रही है। वहीं, इस वायरस के तीन ऐसे वैरिएंट्स हैं, जो काफी खतरनाक बताए जा रहे हैं। तो चलिए आपको इनके बारे में विस्तार से बताते हैं।
दुनिया में कोरोना के ये तीन वैरिएंट्स हैं सक्रिय, कौन कितना खतरनाक? जानिए क्या कहता है डबल्यूएचओ
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क्या होता है वैरिएंट
- जब किसी व्यक्ति के शरीर में एक वायरस पनपने लगता है यानी ये वायरस व्यक्ति के शरीर में अपनी कोशिकाओं की संख्या बढ़ाने लगता है और इस प्रक्रिया को रेप्लिकेशन या प्रतिकृति बनाना कहते हैं। वहीं, इसके बाद ये वायरस एक व्यक्ति से दूसरे में भी फैलने लगता है, जिससे इसका विकास होता है। इसी प्रक्रिया में ये अपना रूप बदलने लगता है, जिसे वायरस का म्यूटेशन होना कहा जाता है।
ये हैं तीन वैरिएंट
- कोरोना वायरस अस्तित्व में आने के बाद से इसके सैकड़ों-हजारों म्यूटेशन (प्रकार) हुए हैं और उनमें से कुछ वैरिएंट बन गए हैं। हालांकि, इसके सभी वैरिएंट्स पर चर्चा नहीं हो रही है, सिर्फ कुछ ही तेजी से फैल रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, आज विश्वभर में कोरोना के सैकड़ों वैरिएंट्स हैं, लेकिन उनमें से हमें सिर्फ तीन को गंभीरता से लेना चाहिए।
डब्ल्यूएचओ ने जिन तीन वैरिएंट्स के बारे में बताया है, वो हैं दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और ब्रिटेन वैरिएंट। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, ब्रिटेन व ब्राजील में पाए गए कोरोना को नए वैरिएंट से दक्षिण अफ्रीकी वेरिएंट कई मायने में अलग है। इसे 20एच/501वाई.वी2 या बी.1351 के नाम से जाना जाता है। ये मूल वायरस से ज्यादा संक्रामक है।
दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट के एक म्यूटेशन को ए501वाई के नाम से भी जाना जाता है और इससे वायरस का नया वैरिएंट ज्यादा संक्रामक हो गया है। वहीं, डब्ल्यूएचओ के अनुसार, ये वैरिएंट एंटीबॉडी के प्रभावों को भी कम कर सकता है। गौरतलब, है कि इन तीनों वैरिएंट को अपने-अपने स्तर पर डब्ल्यूएचओ ने काफी खतरनाक बताया है। ऐसे में सभी को इस वायरस से खुद को बचाकर रखना जरूरी है।
स्रोत और संदर्भ:
https://www.who.int/
अस्वीकरण नोट: यह लेख विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।