एड्स एचआईवी नाम के वायरस से होता है। इस बीमारी के बारे में हमारे समाज में कई भ्रातियां फैली हुई हैं उन्हीं में से कुछ को दूर करने की हमने कोशिश की है-
एड्स को लेकर क्या क्या सोच लेेते हैं लोग, क्या आप भी ऐसा सोचते हैं?
केसर परमानेटे के HIV/AIDS के नेशनल डायरेक्टर डॉ. माइकल हॉरबर्ग बताते हैं कि अगर सही से इलाज करवाया जाए तो HIV संक्रमित व्यक्ति भी सामान्य लोगों की तरह जीवन जी सकता है।
मिथ 2- आप किसी HIV पीड़ित व्यक्ति को देखकर बता सकते हैं कि वो HIV पीड़ित है।
एबॉट डायग्नॉस्टिक्स के सीनियर डायरेक्टर डॉ. गेराल्ड बताते हैं कि एचआईवी और एड्स का कोई भी लक्षण शरीर पर जल्दी दिखाई नहीं देता। लोगों में इसके लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देते हैं। यहां तक की कुछ लोगों में इसके लक्षणों को दिखने में 10 साल भी लग जाता है। इसके लक्षण भी अन्य सामान्य बीमारियों जैसे होते हैं जैसे बुखार, जोड़ों में दर्द आदि।
मिथ 3- एचआईवी संक्रमित लोगों के बच्चे भी एचआईवी संक्रमित होते हैं।
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज के अनुसार अगर एचआईवी संक्रमित महिला एंटीरिट्रोवायरल थेरेपी करवाती है तो बच्चे को एचआईवी संक्रमित होने से बचाया जा सकता है।
मिथ 4- अगर दोनों पार्टनर एचआईवी संक्रमित हैं तो संबंध बनाने के दौरान कंडोम की कोई जरूरत नहीं होती।
डॉ.गेराल्ड के अनुसार एचआईवी का हर स्ट्रेन एक जैसा नहीं होता। कई तरह के स्ट्रेन से संक्रमित होने से जटिलताएं और बढ़ जाती हैं। हो सकता है जिस ट्रीटमेंट को आप करवा रहे हों उसका असर ही खत्म हो जाए।