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खतरनाक भी हो सकता है इम्यूनिटी बढ़ाने वाला आयुर्वेदिक काढ़ा, ये 5 लक्षण दिखें तो बंद कर दें सेवन

Mon, 23 Nov 2020 09:39 PM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Mon, 23 Nov 2020 09:39 PM IST
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5 side effects of immunity boosting ayurvedic kadha
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ इम्यूनिटी मजबूत करने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे में देश में इन दिनों इम्यूनिटी बूस्टर काढ़े खूब चर्चा में हैं। इस घातक वायरस से बचाव के लिए आयुष मंत्रालय ने काढ़ा बनाने की विधि भी बताई है। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इम्यूनिटी बूस्ट करने वाला काढ़ा सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। आपको बता दें कि कोई भी आयुर्वेदिक औषधि हमेशा मौसम, प्रकृति, उम्र और स्थिति देखकर दी जाती है। अगर इन चीजों का ध्यान नहीं रखा जाएगा, तो फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है। आइए जानते हैं इससे होने वाले नुकसान के बारे में...

5 side effects of immunity boosting ayurvedic kadha
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स

अगर काढ़ा के नियमित सेवन करने के बाद आपके शरीर में ये 5 लक्षण दिख रहे हैं, तो आप इसका सेवन करना तुरंत बंद कर दें।

  • नाक से खून आना
  • मुंह में छाले पड़ना
  • पेट में जलन होना
  • पेशाब करते समय जलन
  • अपच और पेचिश जैसी समस्या
5 side effects of immunity boosting ayurvedic kadha
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

आयुर्वेदिक काढ़ा क्यों पहुंचाता है नुकसान?
दरअसल, इम्यूनिटी बूस्टर काढ़े में आमतौर पर काली मिर्च, सोंठ, पीपली, दालचीनी, हल्दी, गिलोय, अश्वगंधा जैसी औषधियों का प्रयोग किया जाता है। इन सभी चीजों की तासीर बहुत गर्म होती है। अगर कोई व्यक्ति इन चीजों का सेवन बेहिसाब करेगा, तो उसके शरीर में गर्मी बढ़ सकती है।

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5 side effects of immunity boosting ayurvedic kadha
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

काढ़ा बनाते समय रखें खास ध्यान
अगर आप इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा बताए गए या फिर किसी आयुर्वेदाचार्य के द्वारा बताए गए काढ़े का सेवन कर रहे हैं, तो आपको कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। काढ़े को बनाते समय औषधियों की मात्रा पर खास ध्यान रखें। काढ़े के सेवन से आपको किसी तरह का कोई नुकसान दिखे तो सोंठ, काली मिर्च, अश्वगंधा और दालचीनी की मात्रा कम कर दें। समस्या कम नहीं होने पर किसी आयुर्वेदाचार्य से जरूर सलाह लें।

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5 side effects of immunity boosting ayurvedic kadha
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

वात और पित्त दोष वाले रखें खास ध्यान
काढ़े के सेवन से कफ ठीक हो जाता है। इसलिए कफ दोष से प्रभावित लोगों के लिए ये काढ़ा बहुत फायदेमंद है। लेकिन वात या पित्त से पप्रभावित लोगों को आयुर्वेदिक काढ़ों को पीते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ध्यान रखें कि गर्म तासीर वाली चीजें काढ़े में बहुत कम मात्रा में डालें। इसके बजाय ठंडी तासीर वाली चीजें डालें।

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