35 से 40 की उम्र पार करते-करते पुरुष के शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। आजकल तो लोग युवावस्था में ही ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा आदि के शिकार हो जाते हैं। इसी वजह से उम्र बढ़ने के साथ-साथ कई खतरनाक बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है। ऐसे में समय रहते कुछ हेल्थ चेकअप्स करवाकर बीमारियों की गंभीरता को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं 40 की उम्र पार करने के बाद कौन से स्वास्थ्य जांच जरूर कराना चाहिए...
40 के हो गए हैं तो जरूर कराएं ये 5 जांच, वरना हो जाएंगे गंभीर बीमारियों के शिकार
डायबिटीज
डायबिटीज यानी मधुमेह की बीमारी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इस बीमारी का सबसे प्रमुख कारण गलत खान-पान और खराब जीवन शैली है। भारत में डायबिटीज से पीड़ित 25 वर्ष से कम आयु के हर चार लोगों में से एक को टाइप 2 मधुमेह है। ऐसा भी अनुमान है कि डायबिटीज की बीमारी से ग्रसित एक चौथाई लोग समय रहते इसका इलाज नहीं करवाते हैं। अगर आपकी उम्र 40 के पार हो गई है तो साल में एक बार डायबिटीज की जांच जरूर करवा लें।
एचआईवी
विभिन्न शोधों से ये बात साबित हो चुकी है कि एचआईवी संक्रमित 33 फीसदी लोगों को स्वयं के संक्रमित होने का पता ही नहीं चलता है। इसलिए समय रहते इसकी जांच जरूर करवा लें। एचआईवी का पता सामान्य रक्त जांच से ही चल जाता है। इसके अलावा वेस्टर्न ब्लॉट के जरिये भी एचआईवी की पुष्टि की जा सकती है। पुरुषों को हर पांच साल में इसकी जांच करानी चाहिए।
कोलेस्ट्रॉल
शरीर में दो तरह के कोलेस्ट्रॉल होते हैं, जिसे सामान्य बोलचाल की भाषा में गुड कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल से जाना जाता है। बैड कोलेस्ट्रॉल का शरीर में जमा होना बेहद खतरनाक है। बैड कोलेस्ट्रॉल हृदयाघात और स्ट्रोक की वजह माना जाता है। अगर आपको हृदय संबंधी समस्याएं और ब्लड प्रेशर ज्यादा या कम रहता हो तो कोलेस्ट्रॉल की जांच जरूर करवाएं। कोलेस्ट्रॉल की जांच बीस साल की उम्र में ही करा लेना चाहिए।
टेस्टिकुलर कैंसर
कैंसर रिसर्च यूके के मुताबिक 20 से 39 वर्ष के पुरुषों में टेस्टिकुलर कैंसर होना एक सामान्य बीमारी है। लेकिन समय रहते इस बीमारी का पता चल जाए तो इलाज संभव है। टेस्टिकुलर कैंसर की गांठ सबसे छोटी होती है और इसके लिए अंडकोश की जांच करानी होती है। पुरुषों को यह जांच साल में दो से तीन बार जरूर कराना चाहिए।