फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Eye Health: आंखों को स्वस्थ रखने के लिए क्या है 20-20-20 रूल? कंप्यूटर पर काम करने वाले जरूर करें ये उपाय

Sun, 13 Oct 2024 06:35 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 13 Oct 2024 06:35 PM IST
विज्ञापन
20-20-20 Rule and Eye Care Tips know Digital Eye Strain and Its side Effects
आंखों की देखभाल - फोटो : Freepik.com

आंखें ईश्वर का वरदान मानी जाती हैं। इन्हीं की मदद से हम दुनिया के नजारे ले पाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण आंखों से संबंधित समस्याओं का खतरा काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आंखों से संबंधित समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। इतना ही नहीं तीन साल से कम उम्र के बच्चों में भी आंखों की रोशनी कम होने का खतरा देखा जा रहा है। 



स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को आंखों की देखभाल के लेकर निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि आप पौष्टिक चीजों का सेवन करें, शारीरिक रूप से सक्रिय रहें और आंखों को किसी भी तरह की चोट से बचाएं।

इसके अलावा स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को आंखों को स्वस्थ रखने के लिए 20-20-20 रूल का पालन करते रहने की भी सलाह देते हैं।

20-20-20 Rule and Eye Care Tips know Digital Eye Strain and Its side Effects
बढ़ रही हैं आंखों की समस्याएं - फोटो : Freepik.com

बढ़ती जा रही हैं आंखों से संबंधित समस्याएं

अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित एक अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ पुनीत जैन बताते हैं, बच्चों-युवाओं में बढ़ती आंखों की समस्याओं के लिए स्क्रीन टाइम बढ़ने को जिम्मेदार पाया जा रहा है। हम में से बहुत से लोग अपने दिन का अधिकांश समय लैपटॉप, कंप्यूटर, स्मार्टफोन, गेमिंग सिस्टम और टेलीविजन की स्क्रीन को घूरते हुए बिताते हैं। इससे हमारी आंखों पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है।

बढ़ते स्क्रीन टाइम के कारण मायोपिया, कम दिखाई देने सहित आंखों की कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

20-20-20 Rule and Eye Care Tips know Digital Eye Strain and Its side Effects
आंखों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें? - फोटो : freepik.com

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए क्या है 20-20-20 रूल?

नेत्र रोग विशेषज्ञ कहते हैं, 20-20-20 एक ऐसा फार्मूला है जिसकी मदद से आंखों की थकान और स्क्रीन टाइम के कारण होने वाली समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। 20-20-20 नियम एक सरल तकनीक है जिसे आंखों को आराम देने के लिए बनाया गया है। 

  • 20: डिजिटल डिवाइस का उपयोग करते समय हर 20 मिनट में 20 सेकंड का ब्रेक लें।
  • 20 फीट दूर देखें: ब्रेक के दौरान कम से कम 20 फीट दूर किसी वस्तु पर ध्यान केंद्रित करें। इससे आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलता है।
  • 20 सेकंड के लिए: 20 फीट दूर की वस्तु पर करीब 20 सेकंड तक के लिए देखें। 
विज्ञापन
विज्ञापन
20-20-20 Rule and Eye Care Tips know Digital Eye Strain and Its side Effects
आंखों की समस्याएं - फोटो : Freepik.com

क्या है इसके लाभ?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, 20-20-20 रूल का पालन करते रहने के कई प्रकार के लाभ हो सकते हैं। ये आंखों पर पड़ने वाले तनाव को कम करने में सहायक है। लगातार स्क्रीन टाइम आंखों की थकान और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई का कारण बन सकती है। 20-20-20 नियम आपकी आंखों और दिमाग को तरोताजा करने में मदद करता है, जिससे आप पूरे दिन फोकस और उत्पादकता बनाए रख सकते हैं।

विज्ञापन
20-20-20 Rule and Eye Care Tips know Digital Eye Strain and Its side Effects
आंखों की दिक्कतों को कैसे कम करें? - फोटो : Freepik.com

मायोपिया जैसी समस्याओं का कम कर सकते हैं खतरा

शोध से पता चलता है कि 20-20-20 नियम का पालन करना निकट दृष्टिदोष (मायोपिया) और दृष्टि समस्याओं के विकास के खतरे को कम करने में मददगार हो सकता है। डिजिटल आई सिंड्रोम के कारण आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा रहता है, 20-20-20 रूल का पालन करके आप इन विकारों से भी राहत पा सकते हैं।



------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed