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Corona संकट: इस साल अब तक 10 लाख से अधिक की मौत, वैरिएंट्स की गंभीरता कम फिर भी बढ़ रहे मौत के मामले

Sat, 27 Aug 2022 02:41 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sat, 27 Aug 2022 02:41 PM IST
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1 million reported covid deaths so far this year, Still many of us are unvaccinated
कोरोना के कारण बढ़ते संक्रमण के मामले (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

दिसंबर 2019 से दुनियाभर में जारी कोरोना महामारी ने लोगों की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। अब तक कोरोना के कई वैरिएंट्स सामने आ चुके हैं जिनमें से कुछ को बेहद घातक जबकि कुछ को अति संक्रामक माना जा रहा है। कोरोना का संक्रमण कुछ लोगों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बना है। संक्रमण के कारण लाखों लोगों की जान भी चली गई। करीब तीन साल से जारी इस महामारी में अब तक 64 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।



विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, कोरोना का खतरा अब भी बरकरार है, केवल इसी साल में अब तक 10 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 

गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत से दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में कोरोना के ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स का प्रकोप है। अध्ययनों में इन वैरिएंट्स की संक्रामकता दर तो अधिक बताई जा रही है, पर विशेषज्ञ कहते हैं इसके कारण गंभीर रोगों और मौत का खतरा कम होता है। इन दावों के बाद भी इस साल 1 मिलियन से अधिक लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है। आइए मौत के बढ़ते कारणों और कोरोना के मौजूदा खतरे को विस्तार से समझते हैं।

1 million reported covid deaths so far this year, Still many of us are unvaccinated
अब तक 60.51 करोड़ से अधिक लोग संक्रमण की चपेट में - फोटो : iStock

कोरोना के आंकड़े देखिए

कोरोना के अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि 60.51 करोड़ से अधिक लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं जिनमें से 64.86 लाख से अधिक की मौत हुई है, 58 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमण से ठीक भी हुए हैं। भारत के नजरिए से देखें तो यहां अब तक संक्रमितों का आंकड़ा 4.43 करोड़ का है जिसमें से 5.27 लाख की मौत हुई है। कोरोना से मौत का आंकड़ा सबसे अधिक अमेरिका (10 लाख से अधिक) का है।

कोरोना संक्रमण के ये आंकड़े डराने वाले हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना कि भले ही अध्ययनों में नए वैरिएंट्स को अधिक गंभीर न माना जाता रहा हो फिर भी इसको लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

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डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस - फोटो : ANI

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने जताई चिंता

इस साल अब तक कोरोना से हुई दस लाख से अधिक मौतों को लेकर चिंता जताते हुए डब्ल्यूएचओ प्रमुख कहते हैं, जो आंकड़े हैं उन्हें देखकर यह तो नहीं कहा जा सकता है कि हम कोविड-19 के साथ जीना सीख रहे हैं, इसी साल 1 मिलियन से अधिक लोग मारे गए हैं। यह स्थिति तब है जब हम महामारी को ढाई साल से अधिक समय से झेलते आ रहे हैं और इन मौतों को रोकने के लिए हमारे पास लगभग सभी आवश्यक उपकरण हैं।

विश्वभर में कोरोना के जिन वैरिएंट्स का सबसे अधिक प्रभाव देखा जा रहा है उन्हें भी अधिक गंभीर रोगों का कारक नहीं माना जा रहा है। ऐसे में एक बात स्पष्ट होती है कि जरूर हम सभी कोरोना को हल्के में लेने की गलती कर रहे हैं।

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1 million reported covid deaths so far this year, Still many of us are unvaccinated
टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने पर जोर - फोटो : PTI

टीकाकरण की कम रफ्तार बड़ी चिंता

विश्व स्तर पर WHO की रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 के मामलों में पिछले सप्ताह की तुलना 9% की कमी आई। अधिकारियों ने कोरोना के कारण हो रही मौतों के लिए लोगों के वैक्सीनेशन न कराने को प्रमुख कारण माना है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने फिर से टीकाकरण पर जोर देते हुए सभी सरकारों से टीकाकरण की रफ्तार को तेज करके अधिक से अधिक लोगों को जल्द सुरक्षित करने की अपील की है। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि वृद्ध लोगों और कोमारबिडिटी वाले लोगों में संक्रमण की स्थिति में मृत्यु का जोखिम अधिक होता है, ऐसे लोगों को बूस्टर शॉट देकर अतिरिक्त सुरक्षा देने पर जोर देना चाहिए।

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संक्रमण से बचाव के उपाय करते रहना जरूरी - फोटो : Pixabay

WHO के टीकाकरण का लक्ष्य अब भी बहुत दूर
 
कई देशों में अब भी वैक्सीनेशन की रफ्तार काफी कम है, इस दिशा में चिंता जाहिर करते हुए डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा, अफ्रीका जैसे देशों में वैक्सीन की असमानता बड़ी समस्या है। करीब 10 देश ऐसे हैं जिनमें कोरोना के गंभीर रोग और इसके कारण मौत के मामले अधिक देखे गए हैं, वहां अब भी टीकाकरण 10% से कम है।

पिछले साल WHO ने 2022 के मध्य तक दुनियाभर के 70% लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया था, हालांकि इसमें अब भी बड़ा अंतर देखा जा रहा है। जून 2022 तक, केवल 58 देशों ने 70% लक्ष्य को पार किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लोगों से जल्द से जल्द वैक्सीनेशन कराने और बचाव के लिए कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहने की अपील की है। 


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नोट:
यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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