हिंदु धर्म में हर देवी -देवता के पूजन की एक विधि है, जो कि उन्हें प्रसन्न करने के लिए बनाई गई है। यह विधि देवी या देवता के स्वभाव, पसंद -नापसंद के आधार पर निर्मित की गई है। इसमें ईश्वर को प्रसन्न करने वाले सभी उपाय, चीजें शामिल होती हैं लेकिन कई जगहों पर ऐसी जनश्रुति भी है कि यदि पूजन के दौरान कुछ ऐसा कर दिया जो पूजे जाने वाले देवी या देवता को नापसंद हो तो वे भक्त से नाराज भी हो सकते हैं। हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है, ये तो कोई नहीं जानता क्योंकि पूजन विधान से नहीं अपितु भक्त के भाव से सफल होती है। अगली स्लाइड्स के माध्यम से जानिए पूजन के दौरान की जाने वाली वे गलतियां जिनसे देवी लक्ष्मी हो सकती हैं नाराज।
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Diwali 2020:लक्ष्मी पूजन के दौरान न करें ये 5 गलतियां, विष्णुप्रिया हो सकती हैं नाराज
Sat, 14 Nov 2020 01:59 AM IST
तेजस्वी मेहता
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: तेजस्वी मेहता
Updated Sat, 14 Nov 2020 01:59 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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तुलसी का पौधा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Pixabay
तुलसी
दिवाली पर होने वाले लक्ष्मी पूजन में भूलकर भी तुलसी का पत्ता न रखें। भोग भी इसके साथ न लगाएं। ऐसा करने से देवी लक्ष्मी अप्रसन्न हो सकती हैं। इसके पीछे कारण यह है कि विष्णु जी को तुलसी प्रिय हैं और उन्हीं के शालिग्राम स्वरुप से उनका विवाह भी हुआ है। इस नाते तुलसी देवी लक्ष्मी की सौतन हैं इसलिए तुलसी या तुलसी मंजरी लक्ष्मी जी को अर्पित नहीं की जाती है।
दिवाली पर होने वाले लक्ष्मी पूजन में भूलकर भी तुलसी का पत्ता न रखें। भोग भी इसके साथ न लगाएं। ऐसा करने से देवी लक्ष्मी अप्रसन्न हो सकती हैं। इसके पीछे कारण यह है कि विष्णु जी को तुलसी प्रिय हैं और उन्हीं के शालिग्राम स्वरुप से उनका विवाह भी हुआ है। इस नाते तुलसी देवी लक्ष्मी की सौतन हैं इसलिए तुलसी या तुलसी मंजरी लक्ष्मी जी को अर्पित नहीं की जाती है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pexel
सफेद रंग
मां लक्ष्मी सुहागिन हैं इसलिए भूलकर भी उन्हें सफेद रंग के फूल न चढ़ाएं। देवी कमला को कमल के ही पुष्प अर्पित करें। मां लक्ष्मी की मूर्ति को सफेद रंग के कपड़े पर न रखें। साथ ही किसी सफेद या काले रंग के कपड़े का भी पूजन के दौरान इस्तेमाल न करें। मूर्ति रखने के लिए भी लाल रंग के कपड़े का इस्तेमाल करें क्योंकि ये सुहाग का प्रतीक है।
मां लक्ष्मी सुहागिन हैं इसलिए भूलकर भी उन्हें सफेद रंग के फूल न चढ़ाएं। देवी कमला को कमल के ही पुष्प अर्पित करें। मां लक्ष्मी की मूर्ति को सफेद रंग के कपड़े पर न रखें। साथ ही किसी सफेद या काले रंग के कपड़े का भी पूजन के दौरान इस्तेमाल न करें। मूर्ति रखने के लिए भी लाल रंग के कपड़े का इस्तेमाल करें क्योंकि ये सुहाग का प्रतीक है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : google
विष्णु पूजन
दिवाली पर लक्ष्मी पूजन तब तक सम्पूर्ण नहीं है जबतक विष्णु जी का पूजन न हो। देवी लक्ष्मी विष्णु जी की पत्नी हैं तो यदि आप विष्णु जी की आराधना करते हैं तो यह तो तय बात है कि देवी लक्ष्मी भी साथ ही आएंगी। कोशिश करें कि देवी लक्ष्मी और विष्णु जी का पूजन साथ ही करें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी बहुत प्रसन्न होंगी और पूरे साल आपके घर में वैभव और खुशहाली रहेगी।
दिवाली पर लक्ष्मी पूजन तब तक सम्पूर्ण नहीं है जबतक विष्णु जी का पूजन न हो। देवी लक्ष्मी विष्णु जी की पत्नी हैं तो यदि आप विष्णु जी की आराधना करते हैं तो यह तो तय बात है कि देवी लक्ष्मी भी साथ ही आएंगी। कोशिश करें कि देवी लक्ष्मी और विष्णु जी का पूजन साथ ही करें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी बहुत प्रसन्न होंगी और पूरे साल आपके घर में वैभव और खुशहाली रहेगी।
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- फोटो : social media
दाईं ओर रखें दीया
लक्ष्मी पूजन के दौरान कोशिश करें कि जो दीया लगाएं उसे मूर्ति के दाईं तरफ रखें। भगवान विष्णु पूरे संसार में रोशनी फैलाते हैं और उनका स्थान लक्ष्मी जी के दाईं तरफ है। बाईं तरफ तो स्वयं देवी लक्ष्मी का स्थान होता है। इसलिए दीये को इसी जगह रखें और दीये में सफेद बाती लगाने के बजाय लाल बाती लगाएं। पंचरंगी लच्छे से भी बाती बनाकर दीपक लगा सकते हैं।
लक्ष्मी पूजन के दौरान कोशिश करें कि जो दीया लगाएं उसे मूर्ति के दाईं तरफ रखें। भगवान विष्णु पूरे संसार में रोशनी फैलाते हैं और उनका स्थान लक्ष्मी जी के दाईं तरफ है। बाईं तरफ तो स्वयं देवी लक्ष्मी का स्थान होता है। इसलिए दीये को इसी जगह रखें और दीये में सफेद बाती लगाने के बजाय लाल बाती लगाएं। पंचरंगी लच्छे से भी बाती बनाकर दीपक लगा सकते हैं।