फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कोरोना वायरस से निपटने के लिए क्या भारत भी है हर्ड इम्यूनिटी की राह पर, एक्सपर्ट कहते हैं 43 फीसद करती है काम

Fri, 26 Jun 2020 02:39 PM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Fri, 26 Jun 2020 02:39 PM IST
विज्ञापन
coronavirus treatment update 43 percent population requires to achive herd immunity
कोरोना वायरस - फोटो : PTI

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए हर्ड इम्यूनिटी को सबसे अहम हथियार माना जा रहा है। हर्ड इम्यूनिटी को पैदा करना अब पहले से और आसान हो सकता है। हाल ही में हुए एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि हर्ड इम्यूनिटी को पैदा करने के लिए पहले जितने लोगों को इन्फेक्ट होने की जरुरत समझी जा रही थी, दरअसल अब उससे भी कम लोगों से अच्छा परिणाम मिल सकता है। दुनियाभर में अभी करीब 96 लाख लोग इस घातक वायरस की चपेट में चुके हैं।

coronavirus treatment update 43 percent population requires to achive herd immunity
कोरोना वायरस - फोटो : PTI

क्या होती है हर्ड इम्यूनिटी?
कोरोना से पूरी तरह निजात पाने के लिए वैक्सीन जरूरी है। इसके लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक लगे हैं, लेकिन इसे तैयार होने में अभी लंबा समय लग सकता है। ऐसे में विशेषज्ञों के एक बड़ा वर्ग द्वारा पिछले दिनों हर्ड इम्यूनिटी अपनाने पर जोर दिया जा रहा था। हर्ड इम्यूनिटी यानी 60 से 70 फीसदी आबादी का या तो वैक्सीन से इम्यून कर दिया जाना या फिर उनके बीच संक्रमण फैलने देना। लेकिन अभी हाल ही हुए एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि सिर्फ 43 फीसदी आबादी से हर्ड इम्यूनिटी पैदा की जा सकती है।

coronavirus treatment update 43 percent population requires to achive herd immunity
कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला

'साइंस' जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी को यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम और यूनिवर्सिटी ऑफ स्टॉकहोम के गणितज्ञों ने किया है। इस स्टडी में यह अनुमान लगाया गया है कि वायरस के फैलाव को रोकने के लिए सिर्फ 43 फीसदी आबादी को इन्फेक्ट होने की जरूरत है। जबकि इससे पहले अनुमान लगाया गया था कि कम से कम 60 फीसदी आबादी के इन्फेक्टेड होने पर हर्ड इम्यूनिटी पैदा हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
coronavirus treatment update 43 percent population requires to achive herd immunity
कोरोना वायरस - फोटो : PTI

ऐसे हुई स्टडी
इस स्टडी के दौरान लोगों को उम्र के हिसाब से 6 श्रेणियों में बांटा गया था और ऐक्टिविटी यानी सक्रियता को 3 श्रेणियों में बांटा गया था। स्टडी में पाया गया कि हर उम्र में 50 फीसदी लोग सामान्य तरह से सक्रिय होते हैं जबकि 25 फीसदी लोग बेहद कम या बेहद ज्यादा सक्रिय होते हैं। इसके साथ ही यह भी अनुमान लगाया गया कि एक शख्स से औसतन 2.5 लोग संक्रमित हो सकते हैं।

विज्ञापन
coronavirus treatment update 43 percent population requires to achive herd immunity
कोरोना वायरस - फोटो : PTI

सक्रियता का असर
वैज्ञानिकों ने इस अध्ययन के दौरान पाया कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में उम्र से ज्यादा सक्रियता का असर पड़ता है। ऐसे लोग, जो समाज में सबसे ज्यादा सक्रिय हैं, उन्हें इंफेक्शन होने और उनसे फैलने की सबसे ज्यादा संभावना रहती है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed