फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Buddha Purnima 2021: क्या है इस दिन का इतिहास और क्यों मनाते हैं बुद्ध पूर्णिमा? यहां जानें सबकुछ

Tue, 25 May 2021 12:49 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रकाश चंद जोशी Updated Tue, 25 May 2021 12:49 PM IST
विज्ञापन
Buddha Purnima 2021 date importance and significance buddha purnima subh muhurat and history
बुद्ध जयंती 2021 - फोटो : istock

हर साल की तरह इस साल भी बुद्ध पूर्णिमा का त्योहार आ रहा है, जो कि इस बार 26 मई बुधवार के दिन मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व बताया गया है। जहां बुद्ध पूर्णिमा का पर्व बौद्ध अनुयायियों के लिए खास महत्व रखता है, तो वहीं हिंदुओं के लिए भी इस दिन की अलग मान्यता है। वहीं, मान्यता इस बात की भी है कि इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था और उन्होंने कठिन साधना की जिसके बाद उन्हें बुद्धत्व की प्राप्ति भी हुई थी। लेकिन क्या आप इस दिन के इतिहास और इस दिन को मनाने के पीछे के उद्धेश्य के बारे में जानते हैं? शायद नहीं, तो चलिए जानते हैं।

Buddha Purnima 2021 date importance and significance buddha purnima subh muhurat and history
बुद्ध जयंती 2021 - फोटो : pti

इसलिए मनाते हैं बुद्ध पूर्णिमा

  • दरअसल, जब भगवान बुद्ध ने अपने जीवन में हिंसा, पाप और मृत्यु के बारे में जाना, तब से उन्होंने मोह और माया को त्याग दिया। ऐसे में उन्होंने अपने परिवार को छोड़कर सभी जिम्मेदारियों से मुक्ति ले ली, और खुद सत्य की खोज में निकल पड़े। इसके बाद बुद्ध को सत्य का ज्ञान भी हुआ। वहीं, वैशाख पूर्णिमा की तिथि का भगवान बुद्ध के जीवन की प्रमुख घटनाओं से विशेष संबंध है। इसी वजह से हर साल वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है।
Buddha Purnima 2021 date importance and significance buddha purnima subh muhurat and history
बुद्ध जयंती 2021 - फोटो : pixabay

ये है इतिहास

  • 20वीं दी से पहले तक बुद्ध पूर्णिमा को आधिकारिक बौद्ध अवकाश का दर्जा प्राप्त नहीं था। लेकिन सन 1950 में श्रीलंका में विश्व बौद्ध सभा का आयोजन किया गया और ये आयोजन बौद्ध धर्म की चर्चा करने के लिए किया गया था। इसके बाद से ही इस सभा में बुद्ध पूर्णिमा को आधिकारिक अवकाश बनाने का फैसला हुआ। वहीं, इस दिन को भगवान बुद्ध के जन्मदिन के सम्मान में मानाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Buddha Purnima 2021 date importance and significance buddha purnima subh muhurat and history
बुद्ध जयंती 2021 - फोटो : ani

भारत के अलावा इन देशों में मनाया जाता है ये दिन

  • भारत के अलावा विदेशों में भी सैकड़ों सालों से बुद्ध पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है। इसमें कंबोडिया, नेपाल, जापान, चीन, मलेशिया, श्रीलंका, म्यांमार, इंडोनेशिया, वियतनाम, थाईलैंड आदि कई देश शामिल हैं, जो इस दिन बुद्ध जयंती मनाते हैं।
विज्ञापन
Buddha Purnima 2021 date importance and significance buddha purnima subh muhurat and history
बुद्ध जयंती 2021 - फोटो : ani

ऐसे हुई बुद्धत्व की प्राप्ति

  • हिंदू शास्त्रों के अनुसार, बुद्ध जब महज 29 साल के थे, तब उन्होंने संन्यास धारण कर लिया था और फिर उन्होंने बोधगया में पीपल के पेड़ के नीचे 6 साल तक कठिन तप किया था। वो बोधिवृक्ष बिहार के गया जिले में आज भी स्थित है। भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया था। वहीं, 483 ईसा पूर्व वैशाख पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध पंचतत्व में विलीन हुए थे।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed