नौकरी की तलाश में हैं या आने वाले वक्त में अपने बच्चों के लिए नौकरी ढूंढेंगे तो सतर्क हो जाइए क्योंकि कोई है जो आज से 20 साल बाद कुछ बड़ी-बड़ी नौकरियों पर कब्जा करने वाला है। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने अपनी एक खोज में इसका खुलासा किया है। जानिए, कौन जमाने वाला है आपकी नौकरी पर हक।
इन 10 नौकरियों पर हो सकता है खतरा, ढूंढ़ लीजिए कोई दूसरा काम
दरअसल ये कोई औऱ नहीं बल्कि रोबोट हैं। कुछ समय में रोबोट क्लर्क की नौकरी भी खा जाएंगे। कारण ये है कि इंसान के मुकाबले रोबोट ये काम जल्दी कर सकते हैं। लाइब्रेरी से लेकर ऑफिस तक ये ही दिखेंगे। कॉल सेंटर में तकनीकि सपोर्ट की नौकरी करने वालों को भी हटा कर रोबोट रखे जाएंगे। अभी भी कई जगहों पर लोग ऐसे ही बात करते हैं जैसे कोई रोबोट ही हो, जब असली के रोबोट आ जाएंगे तो कुछ खास अंतर नहीं आएगा सिवाए इसके कि इंसान की नौकरी चली जाएगी। रोबोट ही कस्टमर की समस्याएं सुन कर उन्हें सुलझाएंगे।
रियल इस्टेट की नौकरी में अभी तो ब्रोकर कस्टमर को घर या ऑफिस दिखाते हैं लेकिन एक समय आएगा जब इसके लिए भी रोबोट ही रखे जाएंगे। ये रोबोट कस्टमर से बातें कर पाएंगे और उन्हें कमरे, किचन, बाथरूम की सारी जानकारी भी दे पाएंगे। शिक्षक भी इस समस्या से जूझते नजर आएंगे। सालों बाद कक्षाओं में पढ़ाई भी रोबोट ही कराएंगे। तकनीक के विकास ने वैसे भी शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बदलाव किए हैं लेकिन अब नौकरियों को भी खतरा हो गया है।
दक्षिण कोरिया में सरकार ने एक प्रोग्राम चलाया जिसमें एक रोबोट ने ही टीचर की सारी भूमिका निभाई। कई रेस्टोरेंट में तो अभी से ही वेटर की जगह रोबोट काम करते हैं। लोग इन्हें ही अपना ऑर्डर बता देते हैं और ये उनके लिए खाना ले आते हैं। अगरे 20 सालों में तो पूरी तरह ही ये नौकरी रोबोट के हिस्से चली जाएगी।
गूगल ने ऐसी कार बना ली है जो 2,50,000 किलोमीटर तक बिना किसी ड्राइवर के चली। रोबोट ही इसे चला रहे थे और कोई एक्सीडेंट भी नहीं हुआ। ऑस्ट्रेलिया मे भी कूड़ा उठाने वाले ट्रकों में असली ड्राइवर नहीं बल्कि रोबोट ही होते हैं। इसलिए आने वाले वक्त में बस, टैक्सी, कैब चालकों को कुछ विकल्प तलाशने पड़ेंगे। कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय के मेडिकल सेंटर का औषधालय अभी ही पूरी तरह रोबोट पर काम करता है। वहां रोबोट ही मरीजों को दवाएं देते हैं और सारा खाता बनाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वे औषध विक्रेता ही होंगे जो 20 साल बाद सबसे पहले अपनी नोकरी से हाथ धो बैठेंगे।
यकीन करना मुश्किल हो सकता है लेकिन पत्रकारों की नौकरी भी खतरे में होगी। 15 साल बाद ज्यादातर लेख इंसान नहीं रोबोट ही लिखेंगे। फोर्ब्स पत्रिका में अभी भी सालाना रिपोर्ट लिखने का काम रोबोट ही करते हैं।
सोर्स- ऑडस्टफमैगजीन.कॉम।