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एक्सक्लूसिव: कश्मीर में उपद्रवियों ने 'मिर्ची बम' से बचने का खोज लिया उपाय
Thu, 08 Sep 2016 11:17 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
Updated Thu, 08 Sep 2016 11:17 AM IST
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- फोटो : PTI
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कश्मीर में उपद्रवियों ने पावा शेल से निपटने के लिए नुस्खा ईजाद कर लिया है। हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा इसके इस्तेमाल की शुरुआत में ही इसके नाकाम होने के मामले सामने आने लगे हैं।
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घाटी में हिंसक प्रदर्शन
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आतंकी संगठनों और कट्टरपंथियों ने पावा शेल को नाकाम करने की बकायदा ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी है। नतीजतन हिंसक भीड़ के पत्थरबाजी में सीआरपीएफ और पुलिस के घायल जवानों की संख्या बढ़ने लगी है।
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श्रीनगर में पथराव करते उपद्रवी
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कश्मीर में गांदरबल और कुलगाम में पत्थरबाजों ने पावा शेल के फायर होते ही फटने से पहले उसे गीली बोरी से ढंक दिया। इस कारण पावा शेल का मिर्ची पाउडर धुएं के साथ बाहर नहीं आ सका।
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पत्थरबाजों पर देर तक नियंत्रण पाना मुश्किल हो गया। इस कारण पत्थरबाजी में सुरक्षा बलों के ज्यादा जवान घायल हुए। अब सुरक्षा बलों के समक्ष हिंसक भीड़ से निपटने के क्रम में कठिनतम स्थिति में पेलेट गन के विकल्प को खुला रखने की मजबूरी है।
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- फोटो : File Photo
पेलेट गन से पत्थबाज बच्चों के घायल होने, अंधे होने और कुछ लोगों की मौत के बाद इसके इस्तेमाल का सियासी दलों ने व्यापक विरोध किया था।
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