मकर संक्रांति के पर्व से पूर्व गुजरात और राजस्थान के कई शहरों में पतंगबाजी चरम पर है। लेकिन लापरवाही शौक के इस खेल को मौत के खेल में तब्दील कर रही है। बीते दो दिन में जयपुर शहर में पतंगबाजी दो लोगों की जान ले चुकी है, जिसमें एक 13 वर्षीय किशोर भी सम्मलित है। दरअसल शुक्रवार शाम को जयपुर के रामगंज क्षेत्र में पतंग उड़ाते समय सतुंलन बिगड़ने से एक किशोर छत से नीचे आ गिरा। जिसे गंभीर अवस्था में परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उसने दम तोड़ दिया।
बहन को लेने गए थे माता-पिता
जानकारी के अनुसार मासूम का नाम मोहम्मद नईम था। नईम के माता-पिता उसे चाचा-चाची के पास छोड़कर उसकी बहन को लेने कोटा गए था। जानकारी के अनुसार बीते 25 दिसंबर को नईम की बहन की शादी हुई थी। इसलिए माता-पिता उसे पहली बार लेने गए थे। परिजनों ने बताया तीन भाई-बहनों में से एक नईम को पतंगबाजी का बहुत शौक था। उसके मना करने पर भी वह काफी समय तक पतंग उड़ाता रहता था।
चाइनीज मांझे ने ली जान
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार की शाम को भी जयपुर में एक 30 वर्षीय युवक की पतंगबाजी के चलते मौत हो गई थी, लेकिन वह युवक पतंग उड़ा नहीं रहा था। अपितु उसकी मौत प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से गला कटने के कारण हुई। जयपुर के श्याम नगर थाना क्षेत्र के रहने वाला महावीर जब बृहस्पतिवार को घर के नजदीक ही बाइक से जा रहा था, तब उसके गले में चाइनीज डोर आकर उलझ गई। लेकिन डोर इतनी धारधार थी कि उसकी सांस नली कट गई।
दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल
पतंगबाजी में लापरवाही के कारण बीते पांच दिनों में जयपुर में अलग-अलग स्थानों पर दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके है। गौरतलब है कि जयपुर में प्रतिवर्ष मकर संक्रांति पर्व पर होने वाली पतंगबाजी में बड़ी संख्या में लोग घायल होते है। घायलों की संख्या में प्रतिवर्ष इजाफा हो रहा है। बीते वर्ष जयपुर में सिर्फ मकर संक्रांति के दिन 400 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
प्रतिबंध के बाद भी जारी
जयपुर में जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध के बाद भी इसका धड़ल्ले से उपयोग जारी है। शहर के अधिकतर क्षेत्रों में खुलेआम चाइनीज मांझा बिक रहा है। लेकिन जयपुर नगर निगम या पुलिस की ओर से ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। साथ ही जयपुर में सुबह दो घंटे व शाम को दो घंटे भी पतंग उड़ाने पर मनाही है। पक्षियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर से यह आदेश जारी किए गए है लेकिन इस पर भी अमल नहीं किया जा रहा।