आजकल चाय को लेकर कई प्रयोग हो रहे हैं। चाय के स्वाद भी बदल रहे हैं। आमतौर पर अदरक की चाय, तुलसी की चाय, मसाला चाय बाजार पंसद की जाती है। हम बता रहे हैं जैतून की चाय यानी आॅलिव टी के बारे में। आपको जरूर पसंद आएगी।
आॅलिव टी की पहल दुनिया में यहां हुई
राजस्थान दुनिया में पहला राज्य है जहां आॅलिव टी जैतून की चाय का पहला प्रोसेस्ड प्लांट लगाया गया है। यह प्लांट राजस्थान की राजधानी जयपुर के नजदीक बस्सी में स्थापित है। इसके लिए राजस्थान सरकार ने ओलिटिया फूड्स कंपनी ने सरकार के साथ एमओयू कर रखा है। यहां पर जैतून की पत्तियों से यह स्पेशल चाय बनाई जाती है।
मिल रही है इंटरनेशनल पहचान
राजस्थान सरकार की मानें तो यूरोप के कई देश यहां से जैतून की चाय लेने के लिए अनुबंध कर रहे हैं। इससे राजस्थान की आॅलिव टी को इंटरनेशनल पहचान मिलने लगी है। बस्सी प्लांट में रिसर्च का भी काम चल रहा है।
ये हैं आॅलिव टी के फायदे
राजस्थान के कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी की मानें तो आॅलिव टी स्वास्थ्य के लिए वरदान है। इसके सेवन से कई तरह के कैंसर के इलाज में राहत मिलती है। यह एंटी ऑक्सिडेंट और एंटीडायबिटीक होने के साथ ही हमारी रोगप्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करती है।
जैतून के फल के साथ मिल रहे हैं पत्तियों के भी दाम
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दो हजार का नोट
- फोटो : self
सरकार ने जैतून उत्पादक किसानोंं की आय को दोगुनी करने के लिए इसकी पत्तियों के विपणन और प्रसंस्करण के लिए शोध शुरू किया। कई महीनों तक चले इस शोध में सामने आया कि जैतून की पत्तियों से चाय बनाई जा सकती है। देखा जाए तो जैतून के फल के साथ अब पत्तियों की भी दाम किसानों को मिल रहे हैं।