बीते कुछ समय से कई विधानसभा चुनाव जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी को राजस्थान में बड़ा झटका लगा है। यहां हुए उपचुनावों में भाजपा को करारी शिकस्त मिली है। अलवर, अजमेर लोकसभा व मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव को जीतने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी थी। लेकिन नतीजे चौंकाने वाले रहे है। भाजपा के नेताओं के अनुसार उपचुनाव के ऐसे नतीजों का अंदाजा भाजपा आलाकमान को भी नहीं थी। गौरतलब है कि राजस्थान के तीन महत्वपूर्ण उपचुनाव जीतने के लिए वसुंधरा राजे ने तमाम मंत्रियों व नेताओं को जिम्मेदारी दी थी।
मुख्यमंत्री ने की थी मंत्रियों की फौज तैनात
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने 15 केबिनेट मंत्रियों को उपचुनाव में जीत के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी थी। ये मंत्री लगभग एक माह तक उपचुनाव वाले क्षेत्रों में डेरा डाले रहे लेकिन नतीजा हार के रुप में सामने आया। वहीं चौंकाने वाली बात यह है कि सात केन्द्रीय मंत्री भी इन उपचुनावों में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में वोट मांगते नजर आए लेकिन फिर भी भाजपा के प्रत्याशियों भारी मतों से पराजित हुए।
ढह गए भाजपा के चुनावी किले
भाजपा का इतिहास रहा है कि उसे शहरी क्षेत्रों में काफी मजबूत माना जाता है। लेकिन इन उपचुनावों में उसका प्रदर्शन इन क्षेत्रों में काफी निराशाजनक रहा है। विशेषकर अजमेर व अलवर शहर में भाजपा प्रत्याशियों कांग्रेस उम्मीदवारों से काफी पिछड़े रहे है। गौरतलब है अजमेर शहर से वर्तमान राजस्थान सरकार में दो विधायक मंत्री है। जिनमें वासुदेव देवनानी और अनीता भदेल सम्मलित हैंं।
अपनी ही विधानसभा में हारे
भाजपा के लिए चौंकाने वाले नतीजे अलवर से भी सामने आए है। यहां से भाजपा उम्मीदवार वर्तमान राजस्थान सरकार में केबिनेट मंत्री डॉ. जसंवत सिंह यादव अपने विधानसभा क्षेत्र बहरोड़ में करीब 15 हजार वोटों से पीछे रहे। जो कि पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा है। डॉ जसवंत यादव कांग्रेस उम्मीदवार से अधिकतर राउंड में बड़े अंतर से पीछे ही रहे।
राजे की विदाई के कयास
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vasundhara raje
- फोटो : Amar Ujala
उपचुनावों में मिली करारी हार के बाद राजस्थान भाजपा में बड़ बदलाव तय माने जा रहे है। गौरतलब है कि भाजपा आलामान इन उपचुनावों के नतीजों से काफी आशंकित है। इसलिए माना जा रहा है आगामी विधानसभा चुनाव वर्तमान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व में नहीं लड़ा जाएगा। वहीं राजे के विरोधी भी इन चुनावों के नतीजों को मुख्यमंत्री के लिए सबक बता रहे है।