देश आज 68वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। लेकिन क्या आपको पता है कि भारत को एक गणतांत्रिक देश क्यों कहा जाता हैं? सिर्फ एक लोकतांत्रिक देश होने से कोई देश गणतंत्र नहीं बन जाता है। गणतंत्र बनने की एक बुनियादी शर्त होती है।
आगे की स्लाइड्स में जानिए आखिर भारत को क्यों कहा जाता है गणतांत्रिक भारत...
भारत को आखिर क्यों कहा जाता है गणतंत्र, क्लिक कर जानिए
दुनिया के तमात देशों में लोकतंत्र है, लेकिन वे देश, गणतंत्र नहीं है। इंग्लैंड के उदाहरण से इसे अच्छे से समझा जा सकता है। इंग्लैंड में लोकतंत्र है, संसद है। इंग्लैंड के संसद की नकल कर हमारे यहां भी संसदीय व्यवस्था की गई है। वहां भी हमारे देश की तरह लोग सांसद चुनते हैं और फिर वो सभी सांसद मिलकर प्रधानमंत्री को चुनते हैं।
भारत को आखिर क्यों कहा जाता है गणतंत्र, क्लिक कर जानिए
इंग्लैंड का प्रधानमंत्री भी हमारे देश के प्रधानमंत्री की तरह जनता के प्रति उत्तरदायी होता है। जनता हर पांच साल में इस प्रधानमंत्री को हटाने का अधिकार रखती है। इसीलिए इंग्लैंड एक लोकतांत्रिक देश है, लेकिन इसके बावजूद भी इंग्लैंड को गणतंत्र नहीं कहा जाता है। दरअसल...
भारत को आखिर क्यों कहा जाता है गणतंत्र, क्लिक कर जानिए
इंग्लैंड अकेला देश नहीं है। जापान, स्पेन, बेल्जियम, डेनमार्क, चेक रिपब्लिक समेत दुनिया के तमाम ऐसे देश हैं जहां लोकतंत्र तो हैं लेकिन गणतंत्र नहीं है, लोकिन भारत लोकतंत्र के साथ-साथ एक गणतांत्रिक देश है। दरअसल लोकतंत्र और गणतंत्र में एक बुनियादी अंतर है और वह है सत्ता के सबसे ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति का।
भारत को आखिर क्यों कहा जाता है गणतंत्र, क्लिक कर जानिए
अगर जनता के पास सत्ता के सबसे उंचे पद पर बैठे व्यक्ति को बदलने का अधिकार है तो उस देश को गणतांत्रिक देश कहा जाता है। अगर नहीं तो वो देश गणतांत्रिक नहीं होगा।
इंग्लैंड के उदाहरण से इसे फिर से समझा जाए तो इंग्लैंड में सत्ता के सबसे उंचे पद पर राजा(या रानी) बैठा होता है। वहां आज भी नाममात्र की ही सही, लेकिन राजशाही है। इंग्लैंड के लोग प्रधानमंत्री तो बदल सकते है लेकिन राजा नहीं।