आज 11 सितंबर है और यह दिन अमेरिका ही नहीं बल्कि दुनिया के इतिहास में आतंक का सबसे भयावह दिन माना जाता है। इस दिन न्यूयॉर्क की शान कहे जाने वाले वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला हुआ था और सैंकड़ों लोग इस हादसे में मारे गए थे। उस समय अल कायदा आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।
9/11 Attack: अब भी गिरफ्त से दूर हैं कई आतंकवादी, देखें दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की सूची
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आयमान अल-जवाहिरी
अमेरिका के रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस (RFJ) प्रोग्राम के तहत आतंकी आयमान अल-जवाहिरी मोस्ट वान्टेड की सूची में सबसे ऊपर है। आरएफजे ने जवाहिरी के सिर पर 25 मिलियन डॉलर, यानि कि करीब 177.35 करोड़ रुपये का ईनाम रखा है। आरएफजे के अनुसार, जवाहिरी अभी अलकायदा आतंकी संगठन का प्रमुख है।
7 अगस्त 1998 को केन्या और तंजानिया में अमेरिकी दूतावास बस विस्फोट में उसकी बड़ी भूमिका थी। इस हमले में 224 आम नागरिक मारे गए थे और पांच हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इसके अलावा 12 अक्तूबर 2000 को यमन में अमेरिकी नाविकों पर हमला और 11 सितंबर 2001 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले में भी जवाहिरी की भूमिका रही।
हाफिज सईद
हाफिज सईद खासकर भारत में कई आतंकी हमलों को अंजाम देने वाला मास्टरमाइंड है। आरएफजे ने हाफिज सईद पर 10 मिलियन डॉलर यानि कि करीब 71 करोड़ रुपये का ईनाम रखा है। इसके बावजूद हाफिज सईद खुलेआम घूम रहा है और जनसभाओं को संबोधित कर रहा है।
आरएफजे के अनुसार हाफिज मोहम्मद सईद पहले अरेबिक और इंजीनियरिंग का प्रोफेसर था। वह इस्लामिक संगठन जमात-उद-दवा और इसकी शाखा लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक सदस्य भी है। हाफिज सईद 2008 में मुंबई अटैक सहित कई हमलों का संदिग्ध मास्टरमाइंड है।
सिराजुद्दीन हक्कानी
सिराजुद्दीन हक्कानी आतंकवादी समूह हक्कानी नेटवर्क का प्रमुख है। ये आतंकवादी समूह अफगानिस्तान को फिर से तालिबानी शासन के अधीन लाना चाहता है। आरएफजे की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार हक्कानी ने खुद ये माना है कि उसने 2008 में अफगानिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति हामिद करजई पर हमले की योजना बनाई थी। सिराजुद्दीन हक्कानी के सिर पर भी करीब 71 करोड़ रुपये का ईनाम रखा गया है।
अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह
यह अलकायदा का बड़ा नेता है और इसके नेतृत्व परिषद मजलिस अल-शूरा का सदस्य भी है। 2003 में अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह को ईरान में गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन 2015 में ईरानी राजनयिक के बदले अन्य आतंकियों के साथ अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह को भी छोड़ दिया गया।
अमेरिकी एजेंसी के अनुसार, अब्दुल्लाह अलकायदा का अनुभवी वित्तीय अधिकारी और ऑपरेशनल प्लानर है। उसके सिर पर भी 71 करोड़ रुपये का ईनाम है।