पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस शनिवार की शाम मुजफ्फरनगर के खतौली में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भयानक था कि ट्रेन की बोगियां पटरी से उतरकर एक इंटर कालेज और ट्रैक किनारे बने घर में घुस गईं। हादसे में 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि 156 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हादसे को लेकर कल शाम से अब तक कई चीजें सामने आ चुकी हैं। इन्हीं तमाम छोटी-बड़ी बातों से आपको रूबरू कराते हैं, अगले 10 क्लिक में पढ़िए घटनाक्रम की पूरी कहानी।
मुजफ्फरनगर रेल हादसाः ये हैं हादसे के बाद की भयावह तस्वीरें, देखकर नम हो जाएंगी आंखें
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हादसे का वक्त
हादसा शनिवार की शाम करीब 5.40 बजे मुजफ्फरनगर के खतौली में हुआ। जब खतौली स्टेशन पार करते ही उड़ीसा के पुरी से हरिद्वार जा रही उत्कल एक्सप्रेस की 14 बोगियां पटरी से उतर गईं।
युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य
हादसे के बाद तत्काल बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। थोड़ी ही देर में जिला प्रशासन की टीम, पुलिस और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंच कर युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुट गए।
मकान और स्कूल में घुसा ट्रेन का डिब्बा
डिब्बे काटकर लोगों को जैसे तैसे निकाला गया। ट्रेन की एक बोगी जगत कालोनी गेट के पास स्थित चौधरी जगत सिंह के मकान में घुस गई। यहां से पांच-छह घायलों को निकालकर अस्पताल भिजवाया गया। वहीं ट्रेन का एक डिब्बा पास के इंटर कॉलेज स्कूल पर जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों ने ट्रेन के पटरी से उतरने के बाद डिब्बे आपास में टकराए, जिनमें से एक डिब्बा उछला और स्कूल पर जा गिरा।
टूटी मिली पटरी
हादसे के बाद इसके कारणों की तलाश शुरू हुई तो प्रथ्ाम दृष्टया जांच में रेलवे ट्रैक का एक टुकड़ा कटा मिला। मुख्य रूप से इसी को हादसे की वजह बताया जा रहा है। लगभग ढाई मीटर लाइन कटी मिली है। यह पूरा टुकड़ा कटा हुआ अलग रखा था। पास में ही अन्य औजार और हथौड़ा भी मिला है। बताया जा रहा है पिछले दो दिन से यहां पटरियों की मरम्मत का काम चल रहा था। शनिवार शाम तक भी यह काम जारी था, जिसकी वजह से सभी ट्रेनों को हल्की रफ्तार से खतौली स्टेशन से गुजारा जा रहा था लेकिन पुरी एक्सप्रेस को कोई कॉशन नहीं दिया गया और वो 100 किमी की रफ्तार से यहां से गुजरी। नतीजतन हादसा हो गया।
कम नहीं हुई ट्रेन की स्पीड
हादसे के वक्त मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि रेल ट्रैक पर पिछले 2 दिनों से काम चल रहा था। उन्होंने बताया कि उत्कल एक्सप्रेस से कुछ ही देर पहले 2 अन्य ट्रेनें भी इस ट्रैक से होकर गुजरी थी, लेकिन उनकी स्पीड काफी कम थी। उन्होंने बताया कि जब उत्कल एक्सप्रेस यहां से गुजरी तब ट्रेन की स्पीड कम नहीं हुई। हालांकि रेलवे ने इस बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा है।